सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती को लेकर जल्दबाजी नहीं, केंद्रीय बैंक ने कहा- इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

    By Agency Edited By: Suneel Kumar
    Updated: Sat, 30 Mar 2024 10:00 PM (IST)

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल का कहना है कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती के बारे में किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है। ...और पढ़ें

    अमेरिकी केंद्रीय बैंक महंगाई दर के दो प्रतिशत के करीब आने का इंतजार कर रहा है।
    अमेरिकी केंद्रीय बैंक महंगाई दर के दो प्रतिशत के करीब आने का इंतजार कर रहा है।

    एजेंसी, न्यूयार्क। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने संकेत दिया है कि वह ब्याज दरों में कटौती को लेकर किसी प्रकार की जल्दबाजी में नहीं है। शुक्रवार को सैन फ्रांसिस्को फेड के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Federal Reserve Chairman Jerome Powell) ने कहा कि हमें कटौती को लेकर जल्दबाजी की आवश्यकता नहीं है।

    पॉवेल ने कहा कि रोजगार का डेटा मजबूत रहा है। इस कारण केंद्रीय बैंक महंगाई दर के दो प्रतिशत के करीब आने का इंतजार कर रहा है। फेड चेयरमैन ने दरों में जल्द कटौती पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर हम दरों को बहुत जल्द कम करते हैं, तो संभावना है कि महंगाई फिर से बढ़ जाएगी और यह अर्थव्यवस्था के लिए प्रतिकूल होगा। पॉवेल ने ब्याज दरों को उनके मौजूदा स्तर पर छोड़ने के जोखिमों की पहचान की बात भी कही।

    न्यूयार्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, फेडरल रिजर्व दो जोखिमों में संतुलन की कोशिश कर रहा है। पहला यह है कि केंद्रीय बैंक के अधिकारी ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर नहीं रखना चाहते हैं। इससे गैर-आवश्यक मंदी का जोखिम है। दूसरा यह है कि अधिकारी महंगाई के नियंत्रण में आने से पहले जल्दबाजी में दरों में कटौती भी नहीं चाहते हैं।

    इससे पहले अमेरिका के फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की दो दिवसीय फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक के दौरान बेंचमार्क ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला किया गया था।

    उस समय भी जेरोम पॉवेल ने कहा था कि हालिया महंगाई दर की वजह से ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने साल के अंत में तीन बार ब्याज दरों में कटौती करने के संकेत दिए थे।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें : लगातार पांचवें हफ्ता बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार, 14 करोड़ डॉलर बढ़कर नए उच्च स्तर पर पहुंचा