उधार के ₹16 लाख से कैसे बनाया 3600000000000 का बिजनेस साम्राज्य, अनिल अग्रवाल ने 237 शब्दों में बता दी इस सफलता की कहानी
Anil Agarwal Vedanta: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर अपने कारोबारी सफर का किस्सा साझा किया ...और पढ़ें

अनिल अग्रवाल का 'सक्सेस मंत्र'
HighLights
असफलता से सीखकर आगे बढ़ना ही असली सफलता है।
साहस और दृढ़ता से ही कारोबार में मिलती है कामयाबी।
एक असफल डील ने सिखाया बड़ा कारोबारी सबक।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agrawal) ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी यादों और कारोबारी सफक से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया है। उन्होंने बताया कि बिजनेस में हर कोशिश सफल हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार असफलता ही आगे बढ़ने का सबसे बड़ा रास्ता दिखाती है। उनका संदेश साफ है कि मैदान में टिके रहिए, नए आईडिया सोचिए और असफलता से सीखकर अगली कोशिश कीजिए।
कैसे हुई वेदांता की शुरुआत?
वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) के चेयरमैन और अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कहानी फर्श से अर्श तक पहुंचने की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक है। उन्होंने अपने सफर की शुरुआत बिना किसी बड़ी पूंजी (लगभग शून्य) के की थी, लेकिन अपने पहले बड़े अधिग्रहण के लिए उन्होंने कर्ज और उधार मांगकर 16 लाख रुपये जुटाए थे।
'वीर भोग्या वसुंधरा' का दिया उदाहरण
अनिल अग्रवाल ने अपनी बात समझाने के लिए संस्कृत की कहावत 'वीर भोग्या वसुंधरा' की जिक्र किया। इसका मतलब है कि जो व्यक्ति साहस करता है और जोखिम उठाकर मैदान में डटा रहता है, वहीं आगे चलकर सफलता हासिल करता है।
उनके मुताबिक कारोबार में सिर्फ आईडिया होना काफी नहीं है। उस आईडिया पर काम करने का साहस और मुश्किल समय में टिके रहने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी है।
एक असफल डील ने सिखाया बड़ा सबक
अनिल अग्रवाल ने अपने पुराने कारोबारी अनुभव को याद करते हुए बताया कि उनकी एक डील सफल नहीं हो पाई थी। पहल नजर में यह एक नुकसान या असफलता लग सकती थी, लेकिन उन्होंने इसे वहीं खत्म नहीं होने दिया। उन्होंने इस अनुभव से सीखा कि अगली बार किसी मौके को किस तरह देखना है, क्या तैयारी करनी है और किस तरह बेहतर रणनीति के साथ आगे बढ़ना है। इसी सीख ने उन्हें अगली डील के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया।
अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि, सर, आप जीवन में बड़े-बड़े रिस्क लेते आए हैं, क्या आपको कभी डर नहीं लगा?
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) August 25, 2026
सच कहूँ तो शुरुआती दिनों में कई बार मुझमें भी यह भावना आई कि अगर मैं वो नहीं कर पाया जो मैं चाहता हूँ, तो क्या होगा? पर तभी याद आ जाती थी बाऊजी से सुनी एक संस्कृत की कहावत - वीर… pic.twitter.com/Y8BA9yGv46
महिलाओं ने की तरक्की
अपनी सक्सेस की बात करते हुए अनिल अग्रावल ने महिलाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि " जब भी मैं कड़ी मेहनत करते युवाओं, entrepreneurs और हर क्षेत्र में सफलता पाती महिलाओं को देखता हूं, तो इस बात पर मेरा विश्वास और भी पक्का हो जाता है।"
आज दुनिया भर में फैला कारोबार
जिस व्यक्ति ने कभी 8×9 फीट के ऑफिस से शुरुआत की थी, उसी कारोबारी सफर ने आगे चलकर वेदांता (Vedanta Group) को ग्लोबल नेचुरल रिसोर्सेज ग्रुप में बदल दिया। वेदांता का कारोबार मेटल्स, माइनिंग, ऑयल एंड गैस, पावर और अन्य प्राकृतिक संसाधनों जैसे क्षेत्रों में फैला है।
भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड वेदांता समूह (Vedanta Group) की कंपनियों का कुल (सम्मिलित) मार्केट कैप वर्तमान में लगभग ₹3.60 लाख करोड़ (3,60,000 करोड़ रुपये) के आस-पास है।
