यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Manufacturing PMI: अगस्त में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी, तीन सालों में सबसे ज्यादा दर हुई दर्ज
August manufacturing PMI बीते दिन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के विकास दर जारी हुए थे। पहली तिमाही देश का विकास दर 7.8 फीसदी बढ़ गया है। आज पीएमआई ...और पढ़ें

HighLights
- अगस्त में पीएमआई 58.6 हो गया है।
- पीएमआई के आकड़ों से पता चलता है कि अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी है।
नई दिल्ली, एजेंसी। आज जारी आंकड़ों के अनुसार भारत के पिछले महीने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी देखने को मिली है। अगस्त में एसएंडपी ग्लोबल इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) 58.6 हो गया। ये जुलाई महीने में 57.7 था। यह तीन वर्षों में सबसे ज्यादा दर है।
एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकोनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पोलियाना डी लीमा ने कहा कि भारत के लिए अगस्त पीएमआई नतीजों ने देश के विनिर्माण परिदृश्य की तेजी को पेश कर रहा है। इस आंकड़ों से पता चलता है कि देश में नए ऑर्डर और उत्पादन में मजबूत है। यह दूसरी तिमाही (राजकोषीय) की आर्थिक वृद्धि भी योगदान दे रहा है।
.jpg)
भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत
पीएमआई (Manufacturing PMI India) ने पूरे भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूत स्थितियों को पेश कर रहा है। अगस्त के महीने में नए ऑर्डर और उत्पादन लगभग तीन वर्षों में सबसे तेज था। कंपनियों ने खरीदारी के स्तर को बढ़ा दिया है। इस वजह से लागत मुद्रास्फीति के दबाव में तेजी आई है और बिक्री शुल्क में धीमी वृद्धि हुई है।
बीते दिन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून के भारत के विकास दर के नतीजों का ऐलान हुआ है। इसमें कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही देश का जीडीपी 7.8 फीसदी बढ़ा है। यह आंकड़ें उम्मीदों के अनुरूप था। जारी आंकड़ों से पता चलता है कि पहली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में केवल 4.7 फीसदी ही बढ़त हुई है।
खबरें और भी
पीएमआई की भाषा में अगर आंकड़े 50 से ऊपर होते हैं तो उसका मतलब विस्तार है जबकि 50 से नीचे का स्कोर कमजोरी या संकुचन को दर्शाता है। पीएमआई एसएंडपी ग्लोबल द्वारा लगभग 400 निर्माताओं का एक पैनल होता है। इन पैनल को भेजे गए प्रश्नावली के जवाबों से संकलित किया गया है। इन आंकड़ों से अनुमान लगाया जाता है कि देश मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
