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    भारत में यहां है एशिया की सबसे बड़ी डेयरी, रोज 1 करोड़ लीटर दूध होता है कलेक्ट; कौन है इसका मालिक?

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 11:00 AM (IST)

    बनास डेयरी, जो एशिया की सबसे बड़ी दुग्ध उत्पादक सहकारी संस्था है, भारत की सबसे बड़ी डेयरी है। गुजरात के पालनपुर में मुख्यालय वाली यह डेयरी अमूल को दूध ...और पढ़ें

    कौन है एशिया की सबसे बड़ी डेयरी का मालिक?

    कौन है एशिया की सबसे बड़ी डेयरी का मालिक?

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    नई दिल्ली। अमूल भारत की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी है, ये तो आप भी जानते होंगे। मगर भारत की सबसे डेयरी (Largest Milk Dairy in India) कौन-सी है? ये बहुत कम लोगों को पता होगा। इस लेख में आपको भारत की सबसे बड़ी डेयरी के बारे में बताएंगे, जो न सिर्फ भारत बल्कि एशिया की सबसे बड़ा डेयरी संघ है। यही डेयरी अमूल के दूध सप्लाई बिजनेस में बहुत अहम रोल निभाती है। दरअसल इसी डेयरी से अमूल को सबसे अधिक दूध मिलता है। आइए जानते हैं इस डेयरी के बारे में।

    ये है भारत की सबसे बड़ी डेयरी

    बनास डेयरी (बनासकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड) एशिया की सबसे बड़ी दुग्ध उत्पादक सहकारी संस्था है। इसका हेडक्वार्टर गुजरात के पालनपुर में स्थित है और यह GCMMF (अमूल) का एक प्रमुख डिविजन है। 1969 में शुरू हुई यह डेयरी रोज 80 लाख लीटर से अधिक दूध कलेक्ट करती है और इसका कुल कारोबार ₹24,000 करोड़ से भी अधिक है।
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सर्दियों में इसका दूध कलेक्शन 1 करोड़ लीटर से अधिक तक पहुंच जाता है।

    अमूल ब्रांड से खास नाता

    इस डेयरी के उत्पादों की मार्केटिंग गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ, आनंद द्वारा किया जाता है, और यह वर्तमान में इस संघ की सबसे बड़ी सदस्य यूनियन है। यहां से दूध के अलावा मक्खन, आइसक्रीम, खोया, आलू के स्नैक्स और चॉकलेट (अमूल बिंदास) का उत्पादन होता है, जिनकी मार्केटिंग 'अमूल' ब्रांड के तहत की जाती है।

    कैसे और कब हुई थी शुरुआत?

    बनास डेयरी की शुरुआत गालबाभाई नानजीभाई पटेल के योगदान से हुई, जिन्हें गालबा काका भी कहा जाता था। गालबा काका एक ऐसी हस्ती थे, जिन्हें किसानों के कल्याण की चिंता थी। इस डेयरी की शुरुआत 1960 में, केवल दो तालुकों — वडगाम और पालनपुर — के आठ गाँवों में दूध समितियों के साथ शुरू हुई।
    औपचारिक तौर पर इसकी स्थापना 1969 में, 'ऑपरेशन फ्लड' के तहत 'राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड' के 1961 के नियम के अनुसार की गई थी। गुजरात के अलावा, इस डेयरी ने पूरे भारत के नौ राज्यों में अपनी उपस्थिति स्थापित की है।

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    20 लाख से अधिक किसान जुड़े

    बनास डेयरी के पास 20,00,000 (2 मिलियन) से अधिक शेयरधारक किसानों का नेटवर्क है। यह सहकारी संस्था 1.8 लाख से अधिक किसान परिवारों के साथ काम करती है, जो 1,200 से 1,750 गाँव-स्तरीय सहकारी दुग्ध समितियों के माध्यम से संगठित हैं।

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