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    ये बुजुर्ग अरबपति है बंगाल का सबसे अमीर शख्स, सीमेंट ने बदली तकदीर; दिमाग लगाया ऐसा कि बेटे-पोते भी कर रहे मौज

    Updated: Mon, 04 May 2026 12:40 PM (IST)

    पश्चिम बंगाल (Richest Person in Richest Person in West Bengal) के सबसे अमीर व्यक्ति बेनु गोपाल बांगुर की कुल संपत्ति 6 अरब डॉलर है। 94 वर्षीय बांगुर न ...और पढ़ें

    बेनु गोपाल बांगुर हैं बंगाल के सबसे अमीर शख्स

    बेनु गोपाल बांगुर हैं बंगाल के सबसे अमीर शख्स

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली। भारत के अलग-अलग राज्यों में कई अरबपति हैं। पश्चिम बंगाल से भी कई अरबपति आते हैं। मगर उनमें सबसे अमीर हैं बेनु गोपाल बांगुर (Benu Gopal Bangur Net Worth)। फोर्ब्स के अनुसार इस समय बांगुर की नेटवर्थ 6 अरब डॉलर है, जो भारतीय करेंसी में 56,964 करोड़ रुपये बनते हैं। वे दुनिया के 680वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। खात बात ये है कि बांगुर इस समय भारत के दूसरे सबसे अधिक उम्र वाले अरबपति भी हैं। उनकी आयु 94 साल है। कैसे बनाई उन्होंने इतनी दौलत, आइए जानते हैं।

    श्री सीमेंट में बहुमत हिस्सेदारी

    सीमेंट सेक्टर के दिग्गज बेनु गोपाल बांगुर की दौलत का जरिया 'श्री सीमेंट' में उनकी बहुमत हिस्सेदारी है। वे श्री सीमेंट के पूर्व चेयरमैन हैं। यह भारत के सबसे कम लागत वाली सीमेंट प्रोड्यूसर कंपनियों में से एक है। श्री सीमेंट, जिसकी शुरुआत 1979 में जयपुर में हुई थी, Shree Ultra Jung Rodhak, Bangur Cement और Rockstrong नामों से ब्रांडेड सीमेंट बेचती है।

    2022 में छोड़ा चेयरमैन का पद

    आज कंपनी को बेनु गोपाल बांगुर के बेटे हरि मोहन चलाते करते हैं जिन्हें 2022 में बांगुर के पद छोड़ने के बाद चेयरमैन नियुक्त किया गया था। उनके पोते प्रशांत वाइस चेयरमैन हैं। आपको बता दें कि बांगुर कोलकाता के एक प्रतिष्ठित कारोबारी घराने से ताल्लुक रखते हैं और 1990 के दशक में पारिवारिक बंटवारे के बाद उन्होंने श्री सीमेंट का नियंत्रण अपने हाथों में लिया था।

    कैसे हाथ में आया सीमेंट डिविजन?

    राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले बेनू गोपाल बांगुर एक मारवाड़ी हैं। 1950 और 1960 के दशक के दौरान भारत के टॉप दस कारोबारी परिवारों में से एक में जन्मे बांगुर के लिए, कारोबार की बारीकियों से उनका शुरुआती परिचय उनके फ्यूचर को आकार देने में बहुत अहम साबित हुआ।
    बता दें कि साल 1991 में, उन्हें और उनके भाई को पारिवारिक बिजनेस का एक बड़ा हिस्सा विरासत में मिला, जिसे उन्होंने 1997 में आपस में और बांट लिया। इसके नतीजे में, बांगुर ने बिजनेस के सीमेंट डिवीजन की कमान संभाल ली।

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    सटीक फैसलों से बढ़ाया कारोबार

    बांगुर की रणनीतिक सूझबूझ 2018 में रास अल खैमाह (यूएई) में यूनियन सीमेंट कंपनी को $305 मिलियन में खरीदने और 2014 में जयप्रकाश को खरीदने जैसे फैसलों में दिखी। इन फैसलों से न केवल श्री सीमेंट के पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन आया, बल्कि वैश्विक उद्योग में कंपनी की स्थिति भी मजबूत हुई।
    2019 तक, श्री सीमेंट भारत के टॉप तीन सीमेंट ग्रुप्स में से एक बन गया था, जिसकी उत्पादन क्षमता 41.9 MTPA थी। आज इसकी भारत में सीमेंट उत्पादन स्थापित क्षमता 46.4 मिलियन टन प्रति वर्ष है, और विदेशों को मिलाकर यह 50.4 मिलियन टन है।

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