सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    US Inflation Data: अमेरिका में मुद्रास्फीति के आंकड़े ने किया खेल, क्या अब शेयर बाजार में दिखेगी हलचल?

    Updated: Wed, 11 Sep 2024 07:39 PM (IST)

    अमेरिका में मुद्रास्फीति कम हुई है। लेकिन कोर इन्फ्लेशन स्थिर बनी हुई है। इससे आर्थिक जानकार अनुमान लगा रहे हैं कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेड रिजर्व ...और पढ़ें

    जुलाई में अमेरिकी CPI घटकर 2.9 फीसदी हो गई और बेरोजगारी स्थिर रही। य
    जुलाई में अमेरिकी CPI घटकर 2.9 फीसदी हो गई और बेरोजगारी स्थिर रही। य

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो ने अगस्त 2024 के लिए लेटेस्ट CPI डेटा जारी कर दिया है। इस दौरान अमेरिकी उपभोक्ता कीमतों में मामूली वृद्धि हुई, लेकिन कोर इन्फ्लेशन में कुछ सख्ती दिखाई है। इससे हो सकता है कि फेडरल रिजर्व अगले सप्ताह होने वाली अपनी मीटिंग में ब्याज दर में आधे अंक की कटौती न करे।

    अमेरिका में सालाना मुद्रास्फीति दर लगातार पांचवें महीने धीमी होकर अगस्त 2024 में 2.5 फीसदी हो गई। यह फरवरी 2021 के बाद से सबसे कम है। जुलाई में 2.9 फीसदी थी और 2.6 फीसदी के पूर्वानुमान से नीचे थी। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर ऑल अर्बन कंज्यूमर्स (CPI-U) सीजन के हिसाब से एडजस्ट करके 0.2 फीसदी बढ़ा है।

    केडिया फिनकॉर्प के फाउंडर नितिन केडिया का कहना है कि अगस्त 2024 के सीपीआई डेटा से जाहिर होता है कि महंगाई कम हो रही है। खासकर, एनर्जी और फूड सेक्टर में। लेकिन, शेल्टर और सर्विसेज कॉस्ट के चलते कोर इंफ्लेशन अभी भी स्थिर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति के नरम पड़ने का असर डॉलर और फेडरल रिजर्व के रेट कट पर भी दिख सकता है।

    जुलाई में अमेरिकी CPI घटकर 2.9 फीसदी हो गई और बेरोजगारी स्थिर रही। यह पिछले महीने 4.3 फीसदी के मुकाबले 4.2 फीसदी रही। इससे आर्थिक जानकार अनुमान लगा रहे हैं कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेड रिजर्व 17-18 सितंबर को होने वाली मीटिंग में ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती करेगा। पहले उम्मीद थी कि यह कटौती 0.50 फीसदी तक हो सकती है।

    खबरें और भी

    मुद्रास्फीति के आंकड़े से अमेरिकी शेयर बाजार भी निराश दिया। अमेरिका के सभी प्रमुख सूचंकाकों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दिखी। इनमें डॉव जोन्स , एसएंडपी 500 और NASDAQ 100 शामिल हैं। इस गिरावट का असर गुरुवार को भारतीय शेयर मार्केट पर भी दिख सकता है।

    यह भी पढ़ें : Crude Oil के लगातार गिर रहे दाम, भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर क्या होगा असर?