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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Credit vs Forex Card: विदेश में करते हैं लेन-देन तो जान लें दोनों कॉर्ड का अंतर, होगी मोटी बचत

    By Gaurav KumarEdited By: Gaurav Kumar
    Updated: Sat, 24 Jun 2023 10:38 AM (IST)

    Difference Between Credit Card and Forex Card अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। अनेक सुविधाओं के लिए जाने जाने वाले इस ...और पढ़ें

    Forex and Credit Card: Know the difference between both cards
    Forex and Credit Card: Know the difference between both cards

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: लोगों के बीच आजकल क्रेडिट कार्ड का चलन काफी बढ़ गया है। इसके रिवॉर्ड प्वाइंट और कैशबैक के लालच में ज्यादातर लोग इसका उपयोग करते हैं। लोग अब डेबिट कार्ड की जगह क्रेडिट पर ही शॉपिंग करना पसंद करते हैं। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बढ़ता देख बैंक भी ग्राहकों को एक से बढ़कर फीचर और सुविधा कम दाम या मुफ्त में देती है।

    विदेश यात्रा करने वाले के लिए क्रेडिट कार्ड एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। क्रेडिट कार्ड से लाउंज एक्सेस, अंतर्राष्ट्रीय खरीदारी पर रिवॉर्ड पॉइंट से ग्राहकों को सहूलियत होती है। हालांकि, क्रेडिट कार्ड पर लगने वाला फॉरेक्स मार्कअप चार्ज क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल को खराब विकल्प बनाती है।

    फॉरेक्स मार्कअप चार्ज से क्या होता है?

    क्रेडिट कार्ड पर फॉरेक्स मार्कअप चार्ज अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को ज्यादा महंगा बना देता है। इसके अलावा अगर आप क्रेडिट कार्ड से विदेशों में एटीएम से पैसे निकालते हैं तो यह आपको और अधिक महंगा पड़ता है।

    इसी फॉरेक्स चार्ज से बचने के लिए ग्राहक फॉरेक्स कार्ड लेते हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय लेनदेन पर अधिक बचत करने में मदद मिल सके। आपको बता दें की फॉरेक्स कार्ड से ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगता। 

    क्रेडिट कार्ड और फॉरेक्स कॉर्ड में क्या है अंतर?

    फॉरेक्स मार्कअप फीस

    जैसे की अभी आपने उपर पढ़ा की फॉरेक्स कार्ड से आपको विदेश में किसी भी तरह के लेन-देन पर कोई फॉरेक्स फीस नहीं देनी पड़ती वहीं क्रेडिट कार्ड से आपको विदेशों में लेनदेन ज्यादा महंगा पड़ता है। यह दोनों कार्ड्स में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण अंतर है।

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    फॉरेन करेंसी रेट में उतार-चढ़ाव

    विदेशी मुद्रा दरों में हर मिनट उतार-चढ़ाव होने के कारण क्रेडिट कार्ड से विदेशी मुद्रा में भुगतान करना जोखिम भरा होता है क्योंकि आपको मौजूदा रेट के हिसाब से पेमेंट करना पड़ता है।

    वहीं फॉरेक्स कॉर्ड में मुद्राओं की दरें आपके कार्ड पर संग्रहित होते ही लॉक हो जाती हैं। इसलिए, जब आप विदेशी मुद्रा में भुगतान करते हैं, तो मौजूदा दर कोई भी हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। जो आपने अपने कार्ड पर मुद्रा संग्रहित की है, वह लागू होती है।

    यात्रा में विशेषाधिकार की सुविधा

    जब यात्रा में विशेषाधिकारों की बात आती है, तो क्रेडिट कार्ड का कोई मुकाबला नहीं। क्रेडिट कार्ड आपको विश्व स्तरीय लाभ प्रदान करते हैं, जिसमें हवाई अड्डे के लाउंज तक मुफ्त पहुंच, और एयरलाइन कार्यक्रमों और होटलों के लिए कंप्लीमेंट्री मेंमबरशिप शामिल है।

    वहीं फॉरेक्स कॉर्ड बहुत कम लागत पर अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में सुगमता प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं। ये कॉर्ड आपको क्रेडिट कार्ड जैसे सुविधा नहीं देते हैं।

    नकद निकासी में सुविधा

    जब आप एटीएम से क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके कैश निकालते हैं, तो निकाली गई राशि पर 3.5 प्रतिशत कैश एडवांस फीस लगती है।

    फॉरेक्स कॉर्ड में भी कैश निकासी पर शुल्क लगता है, लेकिन ये शुल्क आम तौर पर कम होते हैं और राशि के अनुसार तय होते हैं।

    इश्यूएंस फीस में बचत

    क्रेडिट कार्ड एक ज्वाइनिंग शुल्क के साथ जारी किए जाते हैं और इसमें वार्षिक शुल्क भी लगता है जिसे कार्ड को चालू रखने के लिए भुगतान करना पड़ता है। ये शुल्क आम तौर पर लगभग 1,000 रुपये और आपके पास मौजूद कार्ड के आधार पर यह बढ़ भी सकता है।

    ट्रैवल क्रेडिट कार्ड आम तौर पर प्रीमियम कार्ड होते हैं जिनमें लगभग 3,000 रुपये से 5000 रुपये तक ज्वाइनिंग या नवीनीकरण फीस लगता है।

    वहीं फॉरेक्स कॉर्ड जारी करने की लागत बहुत कम होती है और कोई वार्षिक शुल्क नहीं होता है। फॉरेक्स कार्ड जारी करने की लागत मात्र 100 रुपये से 500 रुपये होती है।