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Petrol Diesel Price Today: कच्चा तेल $108 के पार, क्या बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम? चेक करें आज का लेटेस्ट भाव

Published: Fri, 11 Sep 2026 08:37 AM (GMT+05:30)

पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $106-107 प्रति बैरल तक पहुंच गई ...और पढ़ें

क्या बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?

क्या बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?

HighLights

  1. पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं।

  2. भारत में पेट्रोल-डीजल के क्या है दाम?

  3. तेल कंपनियों को ईंधन बिक्री पर भारी नुकसान हो रहा है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे गंभीर सैन्य तनाव और भू-राजनीतिक उथल-पूथल के कारण वैश्विक बाजार में कोहराम मचा हुआ है। इसका सीधा असर अब कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर पड़ रहा है, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी की आशंकाएं तेज हो गई हैं।

कहां पहुंचे कच्चे तेल के दाम?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेट क्रूड (Brent Crude Price Hike) उछलकर लगभग 106 डॉलर से 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लिए कच्चे तेल की कीमत (इंडियन बास्केट) बढ़कर 115.98 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। महज कुछ ही दिनों में इसमें भारी इजाफा दर्ज किया गया है, जिसने सप्लाई चेन की चिंता बढ़ा दी है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ा असर?

कच्चे तेल में आई इस भयंकर तेजी के बावजूद, अच्छी बात यह है कि घरेलू बाजार में सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल (Petrol diesel Price) के खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश के प्रमुख महानगरों में ईंधन के मौजूदा दाम इस प्रकार हैं:

  • नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 / लीटर | डीजल ₹95.20 / लीटर
  • मुंबई: पेट्रोल ₹111.21 / लीटर | डीजल ₹97.83 / लीटर
  • कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51 / लीटर | डीजल ₹99.82 / लीटर
  • चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 / लीटर | डीजल ₹99.55 / लीटर
  • बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.89 / लीटर | डीजल ₹98.80 / लीटर
  • हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 / लीटर | डीजल ₹103.82 / लीटर

कीमत बढ़ने के मुख्य कारण क्या है?

अमेरिका, ईरान और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष लगातार जारी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मूज (Strait of Hormuz) जैसे अहम समुद्री मार्गों पर कार्गो जहाजों और तेल आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है। ओपेक (OPEC) की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब का तेल उत्पादन घटकर इस साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर सप्लाई कम हो गई है ।ICRA जैसी रेटिंग एजेंसियों के अनुमान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगे क्रूड के कारण सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल बेचने में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जहां कंपनियों को डीजल पर प्रति लीटर बड़ा घाटा हो रहा है, वहीं एलपीजी (LPG) पर भी सब्सिडी का दबाव बढ़ गया है।

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