सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Crude Oil में महाउछाल! $90 के पार निकला ब्रेंट, क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 08:43 AM (IST)

    Crude Oil: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, ब्रेंट क्रूड $91 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। ...और पढ़ें

    Brent Crude की बढ़ी कीमतें

    Brent Crude की बढ़ी कीमतें

    HighLights

    1. ब्रेंट क्रूड $91 प्रति बैरल के पार पहुंचा।

    2. अमेरिका-ईरान तनाव से तेल आपूर्ति पर खतरा।

    3. भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की संभावना।

    नई दिल्ली: वैश्विक बाजार (International Market) में कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price Surge) में तेज उछाल देखने को मिला है। Brent क्रूड $91 प्रति बैरल के पार निकल गया है, जबकि WTI (West Texas Intermediate) भी $84-$85 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह बढ़ोतरी हाल के हफ्तों में सबसे बड़ी मानी जा रही है।

    मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, सप्लाई पर खतरा

    तेल की कीमतों (Crude Oil Price) में इस उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान (US-Iran Tension) के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है। लगातार हमलों, जवाबी कार्रवाई और खाड़ी देशों तक फैलते संघर्ष ने सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    सबसे अहम बात यह है कि दुनिया के करीब 20% तेल सप्लाई (Oil Supply) का रास्ता माने जाने वाले Strait Of Hormuz में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम (Petrol Diesel Price) बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

    शिपिंग में गिरावट, बाजार में डर

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या कम हो गई है, जो सीधे तौर पर सप्लाई में बाधा का संकेत है। इस वजह से ट्रेडर्स (Traders) और निवेशक (Investors) भविष्य की कमी को लेकर सतर्क हो गए हैं और कीमतों में तेजी (Oil Price Hike) आ रही है। तेल की कीमतों में पिछले एक हफ्ते में 10% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। बाजार में यह भी चर्चा है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो कच्चा तेल (Crude Oil) $100 प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच सकता है।

    खबरें और भी

    ग्लोबल इकोनॉमी पर असर

    तेल की कीमतों में यह तेजी एनर्जी सेक्टर (Energy Sector) तक सीमित नहीं है इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। महंगा तेल मतलब महंगा पेट्रोल-डीजल, बढ़ती महंगाई और सप्लाई चेन पर दबाव पर पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है या Strait of Hormuz में रुकावट जारी रहती है, तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। हालांकि कुछ देश अपने रिजर्व जारी कर स्थिति संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

    यह भी पढ़ें: क्या है 50-20-30 रूल? सैलरी चाहे जो भी हो, यह फॉर्मूला कभी खाली नहीं होने देगा आपका अकाउंट!