यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dabur International के सीईओ कृष्ण कुमार चुटानी ने दिया इस्तीफा, राघव अग्रवाल को सौंपी गई जिम्मेदारी
Dabur India की सहायक कंपनी डाबर इंटरनेशनल लिमिटेड के सीईओ कृष्ण कुमार चुटानी ने इस्तीफा दे दिया है। उनकी राघव अग्रवाल को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। डा ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। डाबर इंटरनेशनल लिमिटेड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल रहा है। कंपनी के मौजूदा सीईओ कृष्ण कुमार चुटानी ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह राघव अग्रवाल को कंपनी का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। अग्रवाल ने बीआईटीएस पीलानी से ग्रेजुएशन किया है, जबकि आईआईएम लखनऊ से एमबीए किया हुआ है।

डाबर इंटरनेशनल लिमिटेड, भारत में शेयर बाजार में लिस्टिड डाबर इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, मुख्यालय दुबई में यूनाइटेड अरब अमीरात में स्थित है। ये कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड का अतंरराष्ट्रीय कारोबार संभालती है। कंपनी का व्यापार दुनिया के 120 से अधिक देशों में फैला हुआ है।
भारत की चौथी सबसे बड़ी एफएमजीसी कंपनी
कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, डाबर इंडिया लिमिटेड भारत की चौथी सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी है। कंपनी की आय करीब 10,800 करोड़ रुपये और बाजार मूल्यांकन 1,00,000 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके डाबर खुद को दुनिया की सबसे बड़ी आयुर्वेदिक और नेचुरल हेल्थ केयर कंपनी होने का दावा करती है। कंपनी के पास 250 से अधिक हर्बल/आयुर्वेदिक उत्पादों का पोर्टफोलियो है।
कंपनी के कारोबार के ब्रांड्स मध्य पूर्व के देशों के साथ, सार्क देशों, अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप और रूस में काफी लोकप्रिय है। कंपनी के कुल आय का 27 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आता है।
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डाबर इंडिया की शुरूआत
डाबर इंडिया 137 साल पुरानी आयुर्वेदिक कंपनी है। कंपनी की बर्मन परिवार द्वारा 1884 में कोलकाता में शुरू की गई थी। 1896 में अपनी पहली विनिर्माण यूनिट को स्थापित किया था।
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