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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Digital Payment में लगातार जारी है तेजी, RBI Data- मार्च 2024 तक 12 फीसदी की हुई वृद्धि

    Updated: Sat, 27 Jul 2024 01:00 PM (IST)

    देश में डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) की संख्या में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। लोग यूपीआई (UPI) या फिर अन्य माध्यम से डिजिटल पेमेंट करना पसंद ...और पढ़ें

    Digital Payment में एक साल में 12 फीसदी की हुई वृद्धि
    Digital Payment में एक साल में 12 फीसदी की हुई वृद्धि

    HighLights

    1. देश में हर साल की तुलना में डिजिटल पेमेंट की संख्या में वृद्धि हो रही है।
    2. साल दर के हिसाब से मार्च 2024 में डिजिटल पेमेंट में 12 फीसदी की वृद्धि हुई है।
    3. मार्च 2018 में RBI Index का निर्माण किया गया था।

    पीटीआई, नई दिल्ली। डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसको लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक डेटा शेयर किया है। आरबीआई इंडेक्स (RBI Index) के अनुसार 31 मार्च 2024 तक देश भर में डिजिटल पेमेंट में 12.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

    आरबीआई का डिजिटल पेमेंट इंडेक्स (आरबीआई-डीपीआई) मार्च 2024 के अंत में 445.5 पर था, जबकि सितंबर 2023 में 418.77 और मार्च 2023 में 395.57 था।

    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपने बयान में कहा कि मार्च 2024 की अवधि के दौरान देश भर में पेमेंट परफॉर्मेंस और पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर ढांचे में वृद्धि की वजह से डिजिटल पेमेंट की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि सभी मापदंडों में हुई है।

    क्या है RBI Index

    केंद्रीय बैंक ने देश भर में पेमेंट के डिजिटलीकरण की सीमा को पकड़ने के लिए आधार के रूप में मार्च 2018 में एक समग्र RBI-DPI के निर्माण की घोषणा की थी। इस इंडेक्स में पांच व्यापक पैरामीटर शामिल हैं। यह पैरामीटर विभिन्न अवधियों में देश में डिजिटल पेमेंट की गहराई और पैठ को मापने में सक्षम बनाते हैं।

    ये पैरामीटर पेमेंट इनेब्लर्स (वेटेज 25 प्रतिशत), पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर - डिमांड-साइड फैक्टर्स (10 प्रतिशत), पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर - सप्लाई- साइड फैक्टर्स (15 प्रतिशत), पेमेंट परफॉर्मेंस (45 प्रतिशत), और कंज्यूमर सेंट्रिसिटी (5 प्रतिशत) हैं।

    मार्च 2021 से इस सूचकांक में चार महीने के अंतराल के साथ अर्ध-वार्षिक आधार पर डेटा को प्रकाशित किया जाता है।

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