ट्रंप ने किया प्रहार! चीन की तेल रिफाइनरी और 40 शिपिंग कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध; तिलमिलाया ड्रैगन
अमेरिका ने ईरान से तेल परिवहन में शामिल चीन की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और लगभग 40 शिपिंग कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। चीन ने इस कदम की आलोचना करते हु ...और पढ़ें

अमेरिका ने चीन की तेल रिफाइनरी और 40 शिपिंग कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध
HighLights
अमेरिका ने चीन की तेल रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगाए।
ईरान से तेल परिवहन में शामिल 40 कंपनियां भी प्रतिबंधित।
चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों को राजनीतिक हथियार बताया।
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट संकट के बीच ट्रंप ने चीन पर एक बड़ा प्रहार किया है। ट्रंप प्रशासन ने चीन स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी (US Ban Chinese Refinery) और ईरानी तेल के ट्रांसपोर्ट में शामिल लगभग 40 शिपिंग कंपनियों तथा टैंकरों पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिया। अमेरिका के इस कदम की चीन ने आलोचना की है। खास बात यह है कि ये प्रतिबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीन के शी जिनपिंग की चीन में होने वाली मुलाकात से महज कुछ हफ्ते पहले लगाए गए हैं।
शुक्रवार को लगाए गए प्रतिबंधों में बंदरगाह शहर डालियान में स्थित हेंगली पेट्रोकेमिकल की एक इकाई भी शामिल है। इस इकाई की कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता लगभग 4,00,000 बैरल प्रतिदिन है, जो इसे चीन की सबसे बड़ी स्वतंत्र रिफाइनरियों में से एक बनाती है।
अमेरिका ने क्यों लगाया प्रतिबंध?
अमेरिका ने यह प्रतिबंध इसलिए लगाया है ताकि वह ईरान को आर्थिक तौर पर और कमजोर कर सके। उसके कमाई के मुख्य स्रोत को रोक सके। शुक्रवार को घोषित इस कदम का मकसद उस बड़े "शैडो नेटवर्क" को निशाना बनाना है, जिसका इस्तेमाल वाशिंगटन के मुताबिक, ईरानी कच्चे तेल को दुनिया भर के मार्केट तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।
अमेरिका ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब ईरान के साथ चल रहे संघर्ष (Iran and US Israel Conflict) और इस क्षेत्र में संघर्ष-विराम की नाजुक व्यवस्था को लेकर तनाव पहले से ही काफी बढ़ा हुआ है। दोनों देश युद्ध को पूर्ण रूप से खत्म करने के लिए बातचीत भी कर रहे हैं। दूसरी बार दोनों देशों का डेलिगेशन पाकिस्तान में दूसरे दौर की बातचीत करेंगे।
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चीन ने अमेरिका की आलोचना की
चीन ने इस कदम की आलोचना करते हुए (China Criticised US Sanctioned) कहा कि अमेरिका प्रतिबंधों को एक राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना बंद करे। वॉशिंगटन स्थित उसके दूतावास ने कहा कि सामान्य व्यापार में बाधा नहीं आनी चाहिए और अमेरिका पर एकतरफा प्रतिबंधों का "गलत इस्तेमाल" करने का आरोप लगाया। बीजिंग ने यह तर्क भी दिया कि ऐसे उपायों से वैश्विक ऊर्जा व्यापार के राजनीतिकरण और वैध व्यावसायिक गतिविधियों को नुकसान पहुँचने का खतरा है।
चीनी रिफाइनरी है ईरानी तेल की प्रमुख खरीदार
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने चीन में स्थित एक स्वतंत्र रिफाइनरी के साथ-साथ दर्जनों जहाजों और शिपिंग ऑपरेटरों को प्रतिबंधों के अपने नवीनतम पैकेज के हिस्से के रूप में चिह्नित किया है। अमेरिका ने चीन की जिस रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगाया है वह ईरानी तेल की प्रमुख खरीदारों में से एक है। चीन की यह रिफाइनरी रियायती दरों पर तेल को प्रोसेस करती हैं और अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से सीमित जुड़ाव के साथ काम करती हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ये उपाय ईरान की तेल से होने वाली आय को सीमित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं।
रॉयटर्स के अनुसार, उन्होंने कहा, "ट्रेजरी उन जहाजों, बिचौलियों और खरीदारों के नेटवर्क को लगातार सीमित करती रहेगी, जिन पर ईरान अपने तेल को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए निर्भर रहता है।"
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