'गलती करके 5 साल तक चुप रहा HDFC Bank', भारत के सबसे बड़े बैंक पर दुबई सरकार के गंभीर आरोप
दुबई सरकार ने भारत के सबसे बड़े बैंक HDFC बैंक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दुबई वित्तीय सेवा प्राधिकरण (DFSA) के अनुसार, बैंक दुबई और बहरीन में क्रेडिट सु ...और पढ़ें
HighLights
HDFC बैंक पर दुबई के रेगुलेटर ने गंभीर आरोप लगाए।
क्रेडिट सुइस बॉन्ड की गलत बिक्री का मामला।
बैंक ने 5 साल तक चुप्पी साधे रखी।
नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank पर दुबई सरकार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दुबई वित्तीय सेवा प्राधिकरण (DFSA) ने कहा कि दुबई और बहरीन में बैंक के कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों को गलत तरीके से क्रेडिट सुइस बॉन्ड बेचे जाने के बाद पैदा हुई समस्याओं का बैंक का मैनेजमेंट समाधान करने में पूरी तरह से नाकाम रहा। इस मामले में 6 महीने पहले डीएफएसए ने अमीरात में एचडीएफसी की शाखा के वरिष्ठ प्रबंधन को फटकार लगाई गई थी।
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, दुबई के रेगुलेटर ने पाया कि बैंक की अनुपालन टीम को अतिरिक्त टियर-1 (AT1) कार्ड की गलत बिक्री से संबंधित कमियों की जानकारी थी। इसी मामले को लेकर हाल ही में बैंक के पार्ट टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty Resigns) ने बैंक के बोर्ड से इस्तीफा दिया था।
5 साल तक साधे रखी चुप्पी
दुबई नियामक की जांच में पता चला कि एचडीएफसी की शाखा ने 5 साल तक चुप्पी साधे रखी और ईमानदारी से नियमों का पालन नहीं किया। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बैंकों के अपने नैतिक पैनल ने ग्राहकों को जोड़ने के दौरान बड़ी संख्या में नियामक उल्लंघनों का पता लगाया; डेलॉयट और क्रोल ने भी जांच की थी। फंडिंग बैंक के सीईओ के इस बयान से मेल नहीं खाती कि ये तकनीकी खामियां थीं।
लेटर में अतानु ने भी लगाए थे आरोप
अतानु चक्रवर्ती 2021 से HDFC Bank में नॉन-एक्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर कार्यरत थे। HDFC बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमिटी के चेयरमैन को लिखे अपने लेटर में अतानु चक्रवर्ती ने कहा था कि पिछले दो सालों में उन्होंने कुछ ऐसे घटनाक्रम और आंतरिक तौर-तरीके देखे, जो उनके निजी मूल्यों और नैतिक मानकों के अनुरूप नहीं थे; और अंततः इसी वजह से उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
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अब दुबई स्थित नियामक के आरोपों से अतानु चक्रवर्ती के आरोप सच साबित होते दिख रहे हैं। हालांकि, अतानु चक्रवर्ती के आरोपों को लेकर बैंक प्रबंधन सफाई दे चुका है।