यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ECOS Mobility के शेयरधारक हो गए मालामाल, लिस्टिंग के तुरंत बाद 17 फीसदी उछला स्टॉक
शेयर बाजार में स्टॉक की लिस्टिंग का सिलसिला जारी है। आज बाजार के दोनों स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई और एनएसई पर ECOS Mobility के शेयर लिस्ट हुए। पिछले हफ ...और पढ़ें

HighLights
- 30 अगस्त तक निवेशकों के लिए आईपीओ ओपन था।
- लिस्टिंग के बाद शेयर 17 फीसदी चढ़ गया ।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। शेयर बाजार के दोनों मुख्य सूचकांक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर आज ECOS Mobility के शेयर लिस्ट हो गए। शेयर की लिस्टिंग प्रीमियम के साथ हुई है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए थे उन्हें काफी फायदेमंद साबित हुआ।
पिछले हफ्ते ECOS Mobility का आईपीओ निवेशकों के लिए खुला था। कंपनी के आईपीओ को निवेशकों से काफी अच्छा रिस्पांस मिला है।
कितने प्राइस पर लिस्ट हुआ शेयर
आज एनएसई पर कंपनी के शेयर 390 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए थे। वहीं, बीएसई पर कंपनी के शेयर 391.30 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए। जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुआ है उन्हें आज करीब 17 फीसदी का लाभ हुआ है।
.jpg)
ECOS Mobility आईपीओ के बारे में
ECOS Mobility के आईपीओ का साइज 601.20 करोड़ रुपये था, जिसमें कंपनी ने 1.8 करोड़ शेयर जारी किये थे। कंपनी का आईपीओ निवेशकों के लिए 28 अगस्त से 30 अगस्त को खुला है। वहीं, 3 सितंबर 2024 को फाइनल शेयर अलॉटमेंट किया था। इस आईपीओ का प्राइस बैंड 334 रुपये प्रति शेयर थे।
आईपीओ से मिले पैसों का कहां होगा इस्तेमाल
यह पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल (Offer For Sale) था। इस आईपीओ के जरिये जुटाए गए फंडा सीधे शेयरहोल्डर्स के पास जाएंगे। इसका मतलब है कि जो शेयरहोल्डर्स अपने शेयर बेच रहे हैं उनके पास यह राशि जाएगी।
खबरें और भी
ECOS Mobility के बारे में
कंपनी कार रेंटल और एम्प्लॉई ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज का काम करती है। इस कंपनी के कस्टमर लिस्ट में Fortune 500 आदि कंपनी शामिल हैं। कंपनी स्पेश्यालिटी लगेज वैन्स, लिमोजिन (Limousines), विंटेज कार की सुविधा भी देती है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की साल-दर-साल इनकम 31 फीसदी बढ़कर 554 करोड़ रुपये थी।
कंपनी के क्लाइंट्स में IT, बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, कंसल्टेंसी, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, फार्मा, लीगल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: कभी बिकने की कगार पर था गूगल, याहू ने क्यों किया मना?
