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    Vedanta Demerger के बाद 4 कंपनियों की लिस्टिंग से पहले अनिल अग्रवाल पर ED ने कसा शिकंजा, विदेशी करेंसी के मामले में मारा छापा

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 02:07 PM (IST)

    वेदांता के फाउंडर अनिल अग्रवाल पर नई मुसीबत आ गई है, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके वेदांता ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई विदेशी मुद ...और पढ़ें

    वेदांता ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी

    वेदांता ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी

    HighLights

    1. अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप पर ED की छापेमारी

    2. विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) मामले में कार्रवाई

    3. छापेमारी सोमवार से जारी

    नई दिल्ली। वेदांता का डीमर्जर हो गया है और अब इसकी अलग हुई 4 नई कंपनियों की लिस्टिंग इस महीने शेयर बाजार में होने जा रही है। मगर उसस पहले वेदांता के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल पर नई मुसीबत आ गयी है। दरअसल प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी की है। ये छापेमारी 'विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम' (FEMA) से जुड़े एक मामले में की गयी है, जिसके तहत ED ने तलाशी अभियान चलाया। यह तलाशी सोमवार से जारी है और इस छापेमारी के मामले में अभी और डिटेल्स का इंतजार किया जा रहा है।

    जांच के बाद छापेमारी

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारियों के मुताबिक, ये तलाशी अभियान तब शुरू हुए जब केंद्रीय एजेंसी ने FEMA एक्ट के तहत इस मल्टीनेशनल माइनिंग कंपनी के खिलाफ जांच शुरू की। वेदांता के खिलाफ यह जांच कंपनी द्वारा अपने सिक्योर्ड लेनदारों से एक बड़े डीमर्जर प्लान के लिए मंजूरी मिलने के लगभग एक महीने बाद शुरू हुई है, जिसके तहत कंपनी को 5 स्वतंत्र कंपनियों में बांटा जाना है।

    क्या है FEMA एक्ट?

    जब ED को किसी व्यक्ति या कंपनी द्वारा विदेशी मुद्रा लेन-देन में नियमों के उल्लंघन का शक होता है, तो वह FEMA के तहत कार्रवाई करती है। इसमें अधिकतर ऐसे मामले शामिल होते हैं, जिनमें अवैध रूप से विदेश में पैसा भेजा गया हो, विदेश में अवैध रूप से संपत्ति हासिल की गयी हो या विदेशी निवेश से जुड़े नियमों का पालन न किया गया हो। 

    पहले भी विवादों में रही वेदांता

    यह इस बहुराष्ट्रीय माइनिंग कंपनी वेदांता से जुड़ा एकमात्र विवाद नहीं है। अप्रैल 2026 में, छत्तीसगढ़ के एक पावर प्लांट में बॉयलर फटने की घटना के बाद, कंपनी की टॉप लीडपशिप (जिसमें अनिल अग्रवाल भी शामिल थे) के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई थी। इस घटना में 20 से अधिक श्रमिकों की जान चली गई थी।
    इसके अलावा पिछले महीने, बुर्ला सिंचाई प्रभाग ने ओडिशा में भेडेन नदी/नहर से बिना अनुमति के पानी निकालने के आरोप में वेदांता एल्युमीनियम पर ₹233.11 करोड़ का जुर्माना लगाया था।

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    वेदांता का आया जवाब

    वेदांता प्रवक्ता ने कहा है कि "हम संबंधित अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रहे हैं और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। कंपनी सभी लागू कानूनों और विनियमों के अनुपालन के प्रति प्रतिबद्ध है। चूंकि यह मामला वर्तमान में नियामकीय प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है, इसलिए इस चरण पर हम इससे संबंधित कोई अतिरिक्त टिप्पणी करने में असमर्थ हैं।"

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