भारत में रेयर अर्थ मिनरल निकालेगी ये विदेशी फर्म? प्रोसेसिंग प्लांट के लिए अनिल अग्रवाल की वेदांता समेत 3 कंपनियों से हो सकती है बात
कनाडाई क्लाइमेट टेक्नोलॉजी कंपनी Enervoxa भारत में वेदांता, हिंडाल्को और नालको के साथ मिलकर एल्युमीनियम उत्पादन के वेस्ट 'रेड मड' से रेयर अर्थ निकालने ...और पढ़ें

अनिल अग्रवाल की वेदांता रेयर अर्थ के लिए कर सकती है डील
HighLights
कनाडाई कंपनी Enervoxa भारत में लगाएगी रेयर अर्थ प्लांट
वेदांता, हिंडाल्को, नालको से साझेदारी की योजना बना रही है
एल्युमीनियम वेस्ट 'रेड मड' से निकाले जाएंगे महत्वपूर्ण खनिज
नई दिल्ली। अनिल अग्रवाल की वेदांता को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जो कि रेयर अर्थ से जुड़ी है। बता दें कि कनाडा की क्लाइमेट टेक्नोलॉजी कंपनी Enervoxa भारत की वेदांता, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और सरकारी कंपनी NALCO के साथ बातचीत करने की योजना बना रही है। कंपनी एल्युमीनियम बनाने की प्रोसेस से निकलने वाले वेस्ट (बाइ-प्रोडक्ट) से 'रेयर अर्थ' निकालने के लिए देश में एक प्रोसेसिंग प्लांट लगाना चाहती है।
Enervoxa के चीफ एग्जीक्यूटिव वंदित वर्मा के अनुसार कमर्शियल लेवल के प्लांट पर लगभग 250 मिलियन से 350 मिलियन डॉलर का खर्च आएगा और इसके लिए स्ट्रैटेजिक इक्विटी और प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग के जरिए फंड जुटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कंपनी इस प्रोजेक्ट के लिए पूर्वी भारत में संभावित जगहों की तलाश कर रही है।
इन चीजों के लिए रेयर अर्थ एलिमेंट्स बेहद जरूरी
बॉक्साइट रेजिड्यू (जिसे 'रेड मड' भी कहा जाता है और यह एल्युमीनियम बनाने की प्रक्रिया का एक बाइ-प्रोडक्ट है) से रेयर अर्थ कॉन्संट्रेट निकालना एक नया कमर्शियल काम है। रेयर अर्थ प्रोसेसिंग पर चीन का दबदबे है और इसी को लेकर बढ़ती जियोपॉलिटिकल चिंताओं इस काम ने तेजी पकड़ी है।
मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल मोटर्स और क्रूज मिसाइल जैसे डिफेंस इक्विपमेंट की टेक्नोलॉजी के लिए रेयर अर्थ एलिमेंट्स बेहद जरूरी हैं। भारत में रेयर अर्थ का काफी भंडार है, लेकिन इन मिनरल्स को हाई प्योरिटी लेवल तक प्रोसेस करने के लिए बड़े इंडस्ट्रियल लेवल की सुविधाओं की कमी है।
वहीं भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक और तीसरा सबसे बड़ा कंज्यूमर भी है।
बनाई जाएगी इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वर्मा ने बुधवार को कहा कि Enervoxa ने रेड मड से रेयर अर्थ निकालने की अपनी प्रोसेस डेवलप करने में आठ साल लगाए हैं। एल्युमीनियम उत्पादकों के अलावा, Enervoxa इंजीनियरिंग कंपनियों, स्टील निर्माताओं और जरूरी मिनरल्स की प्रोसेसिंग करने वाली कंपनियों से भी संपर्क करने की योजना बना रही है।
इसका मकसद रेड मड से निकलने वाले प्रोडक्ट्स के लिए एक इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन बनाना है। इन प्रोडक्ट्स में आयरन ऑक्साइड, कोगुलेंट्स, पिगमेंट्स और टाइटेनियम वाले मटीरियल भी शामिल हैं।
कमर्शियल मौके तलाश रही Enervoxa
वर्मा ने कहा कि Enervoxa भारतीय सरकार से भी मदद लेने की योजना बना रही है। सरकार ने पिछले साल बताया था कि भारत का जवाहरलाल नेहरू एल्युमीनियम रिसर्च डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर, सरकारी थिंक टैंक NITI Aayog के तहत अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर रेड मड से मेटल निकालने और रेयर अर्थ एलिमेंट को एनरिच करने पर रिसर्च कर रहा है।
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वर्मा ने कहा कि Enervoxa के प्रोजेक्ट में या तो भारत में ही रेड मड की पूरी प्रोसेसिंग हो सकती है या फिर किसी खास डाउनस्ट्रीम सुविधा में रिफाइनिंग के लिए रेयर अर्थ कॉन्संट्रेट का उत्पादन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कंपनी अभी भारत, नॉर्थ अमेरिका, साउथ-ईस्ट एशिया और एल्युमिना बनाने वाले अन्य क्षेत्रों की कंपनियों के साथ कमर्शियल मौकों का पता लगाने पर ध्यान दे रही है।