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₹60-70 प्रति लीटर मिलेगा पेट्रोल जैसा तेल! क्या है 100% 'Ethanol Blending'? पीएम मोदी से गडकरी तक चाहते हैं यही

Published: Tue, 21 Apr 2026 06:57 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 21 Apr 2026 09:47 PM (GMT+05:30)

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत को निकट भविष्य में 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल करना चाहिए, ...और पढ़ें

HighLights

  1. भारत को 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखना चाहिए।

  2. यह ऊर्जा आत्मनिर्भरता और प्रदूषण कम करने में सहायक होगा।

  3. एथेनॉल से ईंधन ₹60-70 प्रति लीटर तक मिल सकता है।

नई दिल्ली। कच्चे तेल (Crude Oil Prices) की बढ़ती कीमतें और ऊर्जा संकट (Energy Crisis) के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत को निकट भविष्य में 100 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) हासिल करने का टारगेट रखना चाहिए। क्योंकि, पश्चिम एशिया संकट के बीच तेल निर्यात में आई अस्थिरता ने देश के लिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की जरुरत को अनिवार्य बना दिया है। नितिन गडकरी ने आगे कहा कि कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी III स्टैंडर्ड, जो अगले साल 1 अप्रैल से लागू होंगे, इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर बहुत कम प्रभाव डालेंगे।

एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “निकट भविष्य में भारत को 100 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए... आज हम पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं, इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना हमारे लिए आवश्यक है।” आइये आपको बताते हैं आखिर क्या है एथेनॉल ब्लेंडिंग जिसके जरिए पेट्रोल-डीजल के मोर्चे पर सरकार के साथ-साथ आम आदमी को क्या राहत मिल सकती है।

क्या है एथेनॉल ब्लेंडिंग?

पेट्रोल या डीजल जैसे पारंपरिक ईंधनों में एथेनॉल को एक निश्चित अनुपात में मिलाने की प्रक्रिया को 'एथेनॉल ब्लेंडिंग' कहा जाता है। एथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है। यह मुख्य रूप से गन्ने के रस, शीरे, मक्का, सड़े-गले आलू, और खराब हो चुके चावल या गेहूं से बनाया जाता है। खास बात है कि यह एक रिन्यूएबल फ्यूल है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का करीब 87 प्रतिशत तेल आयात करता है और हर साल लगभग 22 लाख करोड़ रुपये का जीवाश्म ईंधन आयात किया जाता है, जिससे प्रदूषण भी बढ़ता है। इसलिए वैकल्पिक ईंधन और जैव ईंधन के उत्पादन को बढ़ाना जरूरी है। हरित हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बताते हुए उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन पंप के संचालन की लागत कम करना जरूरी है, ताकि यह आर्थिक रूप से व्यवहारिक बन सके।

उन्होंने यह भी कहा कि हाइड्रोजन के परिवहन में भी चुनौतियां हैं और इसकी लागत घटाकर करीब एक डॉलर प्रति किलोग्राम करना होगा, ताकि भारत ऊर्जा निर्यातक बन सके। गडकरी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करना जरूरी है, लेकिन लोगों को इन्हें खरीदने से जबरन नहीं रोका जा सकता। उन्होंने वाहन कंपनियों से लागत के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान देने को कहा, ताकि वे नए बाजारों में बेहतर तरीके से अपनी पहुंच बना सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एथेनॉल ब्लेंडिंग को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए "गेम-चेंजर" बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि 20% (E20) एथेनॉल मिश्रण से देश ने 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल का आयात बचाया है, जिससे लगभग ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बची है। 

100% एथेनॉल ब्लेंडिंग से क्या मतलब?

100% एथेनॉल मिश्रण (E100) का मतलब लगभग शुद्ध जलयुक्त एथेनॉल से बने ईंधन से है, जिसका उपयोग स्टैंडर्ड पेट्रोल इंजनों के बजाय स्पेशल फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल (FFV) में किया जाता है। यह टिकाऊ ईंधन गैसोलीन का एक स्वच्छ, हाई-ऑक्टेन विकल्प है, जिसका उद्देश्य उत्सर्जन को कम करना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है इसलिए भारत इसके उपयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।

  • 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग के लागू होने पर वाहन चलाने के लिए पेट्रोल की निर्भरता खत्म हो जाएगी, जिससे भारत के कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी।
  • शुद्ध एथेनॉल जलने पर कार्बन और जहरीली गैसों का उत्सर्जन ना के बराबर होता है, ऐसे में प्रदूषण मुक्त बनाने में भी यह ईंधन बड़ी भूमिका निभाता है।
  • चूंकि, एथेनॉल, कृषि पदार्थ से बनाया जाता है इसलिए इसका उपयोग बढ़ने से देश के किसानों (गन्ना, मक्का, चावल उगाने वाले) और उत्पादन करने वाले फैक्टरियों को फायदा होगा।

कितनी कम होगी लागत?

शुद्ध पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल की उत्पादन लागत (प्रति लीटर) आमतौर पर कम होती है। 100% एथेनॉल फ्यूल, पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता होता है। भारत में इसके 60 से 70 रुपये प्रति लीटर के आसपास रहने का अनुमान है। वर्तमान में, भारत में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाया जा रहा है। इस 20% ब्लेंडिंग वाले ईंधन को E20 (Ethanol 20) कहा जाता है।

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बता दें कि 2023 में नरेन्द्र मोदी ने 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) की शुरुआत की थी। ब्राजील जैसे देशों में 100 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण पहले से लागू है।

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