PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त के लिए फार्मर ID जरूरी, नहीं बनवाई तो अटक जाएंगे 2-2 हजार; ये है प्रोसेस
PM Kisan Yojana के लिए अब 14 राज्यों में नए किसानों हेतु फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है। यह एक आधार-लिंक्ड डिजिटल पहचान है जो किसानों की जानकारी को ...और पढ़ें
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PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त के लिए फार्मर ID जरूरी, नहीं बनवाई तो अटक जाएंगे 2-2 हजार; ये है प्रोसेस
HighLights
फार्मर आईडी 14 राज्यों में नए पंजीकरण के लिए अनिवार्य।
यह आधार-लिंक्ड डिजिटल पहचान है, धोखाधड़ी रोकेगी।
ऑनलाइन पंजीकरण, दस्तावेज जमा कर आसानी से आवेदन करें।
नई दिल्ली। PM Kisan Yojana: पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए एक जरूरी सूचना है। यह सूचना फार्मर आईडी को लेकर है। दरअसल, केंद्र सरकार ने कुछ राज्यों में पीएम किसान योजना के लिए फार्मर आईडी जरूरी कर दी है। वहीं, अगर आप नए किसान और इस योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आपके पास फार्मर आईडी का होना जरूरी है। अन्यथा आपको इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
PM Kisan Yojana के लिए किन राज्यों में जरूरी है फार्मर आईडी
PM KISAN Yojana के तहत सिर्फ नए रजिस्ट्रेशन के लिए 14 राज्यों में फार्मर ID को जरूरी कर दिया गया है, जहां किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो गया है। जिन राज्यों में किसान रजिस्ट्री का काम अभी शुरू नहीं हुआ है, वहां किसान बिना फार्मर ID के रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
| क्रम संख्या | राज्य | कितनी आईडी बनाने का लक्ष्य | अब तक कितनी बनी |
| 1 | आंध्र प्रदेश | 60,02,607 | 45,33,797 |
| 2 | असम | 24,87,399 | 10,15,920 |
| 3 | बिहार | 86,36,562 | 5,61,543 |
| 4 | छत्तीसगढ | 40,08,908 | 32,00,076 |
| 5 | गुजरात | 66,21,097 | 58,07,051 |
| 6 | कर्नाटक | 59,13,902 | 45,14,772 |
| 7 | केरल | 38,01,577 | 22,52,952 |
| 8 | मध्य प्रदेश | 95,18,752 | 94,37,854 |
| 9 | महाराष्ट्र | 1,19,11,984 | 1,27,36,891 |
| 10 | ओडिशा | 44,38,559 | 12,24,568 |
| 11 | राजस्थान | 90,19,695 | 80,06,447 |
| 12 | तमिलनाडु | 46,76,080 | 32,75,992 |
| 13 | तेलंगाना | 39,77,791 | 32,07,193 |
| 14 | उतार प्रदेश | 2,88,70,495 | 1,69,89,132 |
| टोटल | 10,98,85,408 | 7,67,64,188 |
किसान आईडी क्या है?
किसान आईडी एक यूनिक, आधार से जुड़ी डिजिटल पहचान है जो अलग-अलग किसानों को दी जाती है। यह किसान की पर्सनल जानकारी को जमीन के रिकॉर्ड, फसल की डिटेल्स और खेती की एक्टिविटीज से जोड़ती है।
आधार सिस्टम की तरह ही, किसान आईडी अलग-अलग एग्रीकल्चर स्कीम के लिए अप्लाई करने वाले लाभार्थियों की पहचान वेरीफाई करने में मदद करती है, जिससे यह पक्का होता है कि सिर्फ असली जमीन मालिक किसानों को ही सरकारी फायदे मिलें। इससे धोखाधड़ी वाले दावों में कमी आती है और वेलफेयर प्रोग्राम की कुल एफिशिएंसी बेहतर होती है।
किसान ID के लिए कैसे आवेदन करें?
किसान ID पाने की आवेदन प्रक्रिया हर राज्य में थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन इसमें आम तौर पर ये स्टेप्स शामिल होते हैं:
1. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: किसानों को अपने-अपने राज्य के ऑफिशियल एग्रीकल्चर पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में, किसान राज्य के डेडिकेटेड सर्विस पोर्टल: upfr.agristack.gov.in के जरिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, वे सेल्फ-रजिस्ट्रेशन के लिए Farmer Registry UP, FCRD Service, या eHastakshar जैसे ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।
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2. जरूरी दस्तावेज: आवेदकों को जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे, जिनमें शामिल हैं:
- आधार कार्ड
- जमीन के मालिकाना हक के रिकॉर्ड (जैसे, खतौनी)
- बैंक खाते की जानकारी
- हाल की एक फोटो
- सही डेटा इकट्ठा करने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान किसानों का खुद मौजूद रहना जरूरी है।
3. वेरिफिकेशन प्रक्रिया: जमा की गई जानकारी को संबंधित अधिकारी वेरीफाई करेंगे ताकि किसान ID के लिए आवेदक की एलिजिबिलिटी की पुष्टि हो सके।
4. किसान ID जारी करना: सफल वेरिफिकेशन के बाद, एक यूनिक किसान ID जेनरेट और जारी की जाएगी, जिससे किसान अलग-अलग एग्रीकल्चर सेवाओं और फायदों का लाभ उठा सकेंगे।
किसान रजिस्ट्रेशन में मदद के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) भी जा सकते हैं या गांव या ब्लॉक लेवल पर एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित रजिस्ट्रेशन कैंप में हिस्सा ले सकते हैं।