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    गौतम अदाणी चलेंगे भारत में 6 लाख करोड़ रुपये का दांव, दावोस में किया खुलासा; इन सेक्टरों पर होगा खर्च

    Updated: Wed, 21 Jan 2026 02:29 PM (GMT+05:30)

    अदाणी ग्रुप (Adani Group) ने भारत में एविएशन, क्लीन एनर्जी, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में अगले 7-10 वर्षों में 66 अरब डॉलर के निवेश ...और पढ़ें

    अदाणी ग्रुप करेगा 66 अरब डॉलर का निवेश

    अदाणी ग्रुप करेगा 66 अरब डॉलर का निवेश

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    नई दिल्ली। अदाणी ग्रुप ने एविएशन, क्लीन एनर्जी, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्तचर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स में 66 अरब डॉलर (6.04 लाख करोड़ रुपये) के निवेश का फ्रेमवर्क तैयार किया है। इससे भारत की ग्रोथ प्राथमिकताओं के अनुरूप प्राइवेट कैपिटल के बड़े पैमाने पर निवेश के नए चरण का संकेत मिलता है। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की 56वीं वार्षिक बैठक में अपनी योजनाएं प्रस्तुत करते हुए ग्रुप ने कहा कि यह निवेश महाराष्ट्र, असम और झारखंड में किया जाएगा। यह अलग-अलग एसेट्स के निर्माण से हटकर इंटीग्रेटेड, टेक्नोलॉजी बेस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म्स की ओर रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है।

    हवाई अड्डों को लेकर क्या है प्लान?

    ग्रुप ने असम में गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को केंद्र में रखते हुए विमानन एवं वैमानिकी परिवेश के विस्तार की जानकारी दी। इस हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिसंबर 2025 में किया था।
    इसका ऑपरेशन अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। ग्रुप की योजनाओं में हॉस्पिटैलिटी और रिटेल इंफ्रा, ‘लेवल-डी फुल-फ्लाइट सिमुलेटर’ के साथ विमानन प्रशिक्षण अकादमी और चौड़े व संकीर्ण विमानों के लिए रखरखाव, मरम्मत (एमआरओ) सुविधाएं शामिल हैं। इससे गुवाहाटी को पूर्वोत्तर के लिए क्षेत्रीय विमानन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

    रिन्यूएनबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स का एलान

    ग्रुप ने असम के कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ जिलों में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की भी घोषणा की जिनसे 2,700 मेगावाट से अधिक सौर क्षमता जुड़ेगी। इसके पूरक निवेशों में सीमेंट विनिर्माण एवं ‘ग्राइंडिंग’ इकाइयां शामिल हैं, जिनका उद्देश्य पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में निर्माण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है।
    महाराष्ट्र में अदाणी समूह के प्रस्तावित निवेश शहरी पुनर्विकास, डिजिटल अवसंरचना और अगली पीढ़ी की ऊर्जा प्रणालियों पर केंद्रित हैं। इनमें मुंबई की धारावी पुनर्विकास परियोजना, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ( जहां 25 दिसंबर को परिचालन शुरू हुआ ) और इससे जुड़े लॉजिस्टिक्स, वाणिज्यिक एवं आतिथ्य परिवेश शामिल है।

    "रोजगार के लिए निवेश जरूरी"

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "हम हर निवेशक का स्वागत करेंगे, चाहे वह अदाणी समूह हो या कोई अन्य क्योंकि निवेश के बिना हमारे युवाओं के लिए रोजगार सृजित नहीं होंगे।"
    महाराष्ट्र में इसके अलावा 3,000 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाले हरित डेटा सेंटर पार्क, हवाई अड्डे के पास एकीकृत ‘एरिना’ जिला, 8,700 मेगावाट की ‘पंप्ड स्टोरेज’ जलविद्युत परियोजनाएं, कोयला गैसीकरण पहल, सेमीकंडक्टर एवं ‘डिस्प्ले फैब्रिकेशन’ सुविधाएं तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी को लेकर सरकार के उभरते ढांचे के अनुरूप एक परमाणु ऊर्जा परियोजना भी शामिल है।

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    कितने साल का है प्लान?

    अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अदाणी ने निवेश के पैमाने और विभिन्न क्षेत्रों में इसके विस्तार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि नियोजित राशि अगले सात से 10 वर्ष में खर्च की जाएगी। समूह ने कहा कि प्रस्तावित निवेशों का उद्देश्य रोजगार सृजन, कौशल निर्माण और प्रौद्योगिकी आधारित समावेशन को बढ़ावा देना है।
    साथ ही ये ऊर्जा बदलाव, विनिर्माण में आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय विकास जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। डब्ल्यूईएफ में दुनिया के राजनेताओं और कारोबारी दिग्गजों के बीच अदाणी समूह की घोषणाओं ने भारत के आर्थिक विस्तार के अगले चरण को आकार देने में अवसंरचना मंचों एवं दीर्घकालिक निजी पूंजी की अहम भूमिका को रेखांकित किया।

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