गौतम अदाणी और भतीजे सागर घूसखोरी का दाग मिटाने के लिए अमेरिका को देंगे 1727037000 रुपये, आखिर क्या है मामला
गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी ने अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज (US SEC Adani bribery case) के रिश्वतखोरी के आरोपों को निपटाने के लिए $18 मिलियन का ...और पढ़ें

गौतम अदाणी और सागर अदाणी US SEC केस में सेटलमेंट के लिए $18 मिलियन देने पर सहमत हुए
HighLights
गौतम अदाणी, सागर अदाणी $18 मिलियन जुर्माने पर सहमत।
US SEC के रिश्वतखोरी आरोपों को निपटाने का समझौता।
समझौता अभी कोर्ट की अंतिम मंजूरी के अधीन।
नई दिल्ली। भारत के दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के ऊपर अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज ने रिश्वत देकर प्रोजेक्ट हासिल करने के आरोप लगाए थे। अब इस केस में एक नया मोड़ आ गया है। रिपोर्ट के अनुसार गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी US SEC द्वारा लाए गए एक सिक्योरिटी धोखाधड़ी मामले को निपटाने के लिए कुल $18 मिलियन का सिविल जुर्माना देने पर सहमति जताई है।
आसान शब्दों में कहें तो अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज द्वारा लगाए गए रिश्वत (US SEC Adani bribery case) के आरोपों से बरी होने के लिए गौतम अदाणी और उनके भतीजे अमेरिका को 18 मिलियन डॉलर (भारतीय रुपये में लगभग 172 करोड़ रुपये देने के लिए सहमत हो गए हैं। लेकिन अभी कोर्ट का फैसला आना बाकी है।
14 मई, 2026 को न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के US डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में जमा की गई सहमति याचिकाओं के तहत, गौतम अदाणी ने $6 मिलियन और सागर अडानी ने $12 मिलियन का भुगतान करने पर सहमति दी है। हालांकि, ये समझौते कोर्ट की मंजूरी के अधीन हैं। यानी अभी इस समझौते को कोर्ट से मंजूरी मिलना भी जरूरी है।
अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज ने क्या आरोप लगाए थे?
अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज ने नवंबर 2024 में एक शिकायत में आरोप लगाया था कि अदाणी समूह के चेयरमैन और अदाणी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने सौर ऊर्जा का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारत सरकार के अधिकारियों को कथित तौर पर लगभग 265 मिलियन डॉलर (आज के हिसाब से भारतीय रुपये में लगभग 2.5 हजार करोड़ रुपये) की रिश्वत दी थी।
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US SEC ने आरोपों में कहा था कि इन सौर ऊर्जा कॉन्ट्रैक्ट से आने वाले 20 सालों में 2 बिलियन डॉलर (लगभग 19 हजार करोड़ रुपये) की कमाई का अनुमान था।
अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि इस योजना को निवेशकों से छिपाकर रखा गया था, जबकि अदाणी ग्रीन एनर्जी ने सितंबर 2021 में एक बॉन्ड ऑफरिंग की थी, जिससे $750 मिलियन जुटाए गए थे। इसमें से लगभग $175 मिलियन अमेरिकी निवेशकों से आए थे।
अदाणी ग्रीन एनर्जी ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि 15 मई, 2026 को न्यूयॉर्क की एक अदालत के समक्ष अंतिम फैसले के लिए अपना अनुरोध दायर किया है। अंतिम फैसले का इंतजार है।
कंपनी ने यह भी साफ किया कि वह इन कार्यवाही का हिस्सा नहीं है और उसके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं। SEC समझौते की खबर के बाद अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 1.8 प्रतिशत और अडानी ग्रीन के शेयर 0.6 प्रतिशत चढ़ गए।
अदाणी ने आरोपों को न तो स्वीकार किया और न ही अस्वीकार
एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा- "US SEC, गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने 15 मई, 2026 (भारतीय समयानुसार) / 14 मई, 2026 (न्यूयॉर्क समयानुसार) को US Eastern District NY Court के समक्ष, आपसी सहमति से, प्रस्तावित अंतिम फैसले के साथ-साथ अंतिम फैसला जारी करने का अनुरोध दायर किया है। गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने अन्य बातों के साथ-साथ, सिविल शिकायत में लगाए गए आरोपों को स्वीकार या अस्वीकार किए बिना अंतिम फैसला जारी करने पर सहमति दी है। साथ ही, गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने क्रमश 6 मिलियन USD और 12 मिलियन USD का सिविल जुर्माना अदा करने पर भी सहमति जताई है। US Eastern District NY Court के अंतिम फैसले का इंतजार है।"
Source- BSE Filing