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    गौतम अदाणी ने शुरू की 'वंदे भारतम्', देश के कोने-कोने से खोजेंगे उद्यमी; ये वंदे भारत ट्रेन नहीं, कुछ और है

    By Jagran BusinessEdited By: Gyanendra Tiwari
    Updated: Thu, 25 Jun 2026 03:23 PM (IST)

    गौतम अदाणी ने अपने 64वें जन्मदिन पर 'वंदे भारतम्' पहल शुरू की, जिसका उद्देश्य देश के सभी 36 राज्यों और 800 से अधिक जिलों से इनोवेटर्स और उद्यमियों को ...और पढ़ें

    गौतम अदाणी ने 'वंदे भारतम्' पहल का शुभारंभ किया।

    गौतम अदाणी ने 'वंदे भारतम्' पहल का शुभारंभ किया।

    HighLights

    1. गौतम अदाणी ने 'वंदे भारतम्' पहल का शुभारंभ किया।

    2. इसका लक्ष्य पूरे भारत में इनोवेटर्स और उद्यमियों को खोजना है।

    3. 75 फाइनलिस्ट को मेंटरशिप और निवेश के अवसर मिलेंगे।

    आईएएनएस, नई दिल्ली। भारत के दूसरे सबसे बड़े अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी ने अपने 64वां जन्मदिन पर एक बड़ी घोषणा की। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने 'वंदे भारतम' नाम की एक देशव्यापी (Gautam Adani launches Vande Bharatam) पहल शुरू की। इसका मकसद भारत के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ 800 से ज्यादा जिलों में इनोवेटर्स और उद्यमियों को खोजना है। यह उन चुनिंदा शहरों से कहीं आगे जाकर टैलेंट की तलाश करने की एक सोची-समझी कोशिश है, जो आमतौर पर ज्यादा चर्चा में रहते हैं।

    बहुत से लोगों को लग रहा है कि ये भारतीय रेलवे की वंदे भारत ट्रेन की तरह ही एक ट्रेन है। लेकिन आपको बता दें कि यह कोई ट्रेन नहीं है। यह एक पहल है। आइए इसके बारे में जानते हैं।

    'वंदे भारतम्' पहल पर क्या बोले गौतम अदाणी?

    अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, "भारत ने दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक बनाया है, फिर भी अधिकतर संस्थापक अभी भी कुछ ही शहरों से आते हैं। ‘वंदे भारतम्’ उन इनोवेटर्स, प्रॉब्लम-कारोबारियों और समस्याओं का समाधान करने वाले लोगों को खोजने की हमारी कोशिश है, जिनके विचार पहचान, सपोर्ट और एक बड़े प्लेटफॉर्म के हकदार हैं। हम हर उस भारतीय को आगे आने और हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करते हैं, जिसमें कुछ बनाने का साहस और कुछ नया करने का संकल्प है।"

    यह पहल उन सभी लोगों के लिए खुली है जिनके पास कोई आइडिया, इनोवेशन, समाधान या कारोबारी बनने की चाहत है। इसमें उम्र, पेशे, पढ़ाई-लिखाई या डेवलपमेंट के चरण की कोई पाबंदी नहीं है।

    प्रतिभागी किसी कॉन्सेप्ट, प्रोटोटाइप, शुरुआती चरण के वेंचर या पहले से चल रहे बिजनेस के साथ आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए रजिस्टर्ड स्टार्टअप होना जरूरी नहीं है।

    बयान के अनुसार, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबिलिटी, खेती, पारंपरिक शिल्प और समुदाय-आधारित समाधान जैसे कई क्षेत्रों से प्रवेश आमंत्रित की जाती हैं। महिलाओं, आदिवासियों, ग्रामीण इनोवेटर्स, दिव्यांग उद्यमियों और समुदाय-आधारित इनोवेटर्स की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए खास रास्ते बनाए जाएंगे, जो स्थानीय चुनौतियों का समाधान करेंगे।

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    75 फाइनलिस्ट को अहमदाबाद बुलाया जाएगा

    आवेदन की एक व्यवस्थित मूल्यांकन प्रक्रिया होगी, जिसमें इनोवेशन, उद्यमिता की क्षमता, प्रभाव और स्केलेबिलिटी पर ध्यान दिया जाएगा। मूल्यांकन के मानदंडों, जूरी के गठन और चयन के चरणों के बारे में अतिरिक्त जानकारी समय आने पर दी जाएगी।

    राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर मूल्यांकन के बाद, 75 फाइनलिस्ट को अहमदाबाद में एक खास प्रोग्राम के लिए बुलाया जाएगा। इस प्रोग्राम में मेंटरशिप, इंडस्ट्री के लोगों से बातचीत और इन्वेस्टर्स व बिजनेस लीडर्स के साथ जुड़ने का मौका मिलेगा। ये सभी अलग-अलग क्षेत्रों, सेक्टर और समुदायों से आए टैलेंट का प्रतिनिधित्व करेंगे।

    बयान के अनुसार, फाइनलिस्ट को मेंटर्स, इन्वेस्टर्स, इंडस्ट्री लीडर्स, इनक्यूबेशन सपोर्ट और रणनीतिक पार्टनरशिप का लाभ मिलेगा, जो उनके आइडिया को बिजनेस में बदलने में मदद कर सकते हैं। इस प्रोग्राम में इनाम की राशि और कैटेगरी के आधार पर सम्मान भी शामिल होगा, जिसकी जानकारी बाद में दी जाएगी।

    स्वतंत्रता दिवस के आस-पास होने वाला ग्रैंड फिनाले एक ऐसे प्लेटफॉर्म की शुरुआत करेगा जो पार्टिसिपेंट्स को मेंटर्स, इन्वेस्टर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और दूसरे इनोवेटर्स से जोड़ेगा।

    अगर मैं कर सकता हूं, तो कोई भी भारतीय कर सकता है- गौतम अदाणी

    गौतम अदाणी ने कहा, "अगर मैं यह कर सकता हूं, तो कोई भी भारतीय यह कर सकता है। उन्हें बस एक मौके और एक मंच की जरूरत है।"

    आज भारत दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक है। फिर भी, 80 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप फाउंडर्स सिर्फ पांच शहरों से ही आते हैं, जिससे कई उभरते इनोवेटर्स को पहचान, मेंटरशिप और नेटवर्क नहीं मिल पाता है।

    बयान में कहा गया है कि जैसे-जैसे भारत 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन में भागीदारी बढ़ाना आर्थिक विकास को गति देने, रोजगार पैदा करने और स्थानीय चुनौतियों को हल करने के लिए बहुत जरूरी होगा।

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