यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Google ने जुर्माने के खिलाफ NCLAT में दायर की याचिका, जानें क्यों हुई थी कार्रवाई
Google पर सीसीआई की ओर से अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस करने के लिए 1337.76 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया था। इसके खिलाफ अब कंपनी ने NCLAT जाने का फैसला किय ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLAT) में सीसीआई की ओर से एंड्रॉइड को लेकर दिए गए आदेश के खिलाफ याचिका दायर की है। कंपनी के प्रवक्ता की ओर से ये जानकारी दी गई है।
बता दें, अक्टूबर माह में कम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया ने एंड्रॉइड मोबाइल उपकरणों के संबंध में कई बाजारों में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए गूगल पर 1337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था और इसके साथ कंपनी को सभी अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस (Unfair Business Pratice) को बंद करने और रोकने का आदेश दिया।

कंपनी ने दायर की याचिका
गूगल के प्रवक्ता की ओर से समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया गया कि हमने सीसीआई द्वारा एंड्रॉइड को लेकर दिए गए फैसले के खिलाफ याचिका दायर करने का फैसला किया है। हमें लगता है कि यह हमारे भारतीय यूजर्स के लिए एक बड़ा धक्का है, जो कि एंड्रॉइड की सुरक्षा पर विश्वास करते हैं। इससे मोबाइल उपकरणों की लागत में इजाफा हो सकता है। हम अपने मामले को एनसीएलएटी ले जाने का फैसला किया है। हम हमेशा अपने ग्राहकों और यूजर्स के लिए प्रतिबंध हैं।
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एंड्रॉइड पर कंपनी का मत
सूत्रों का कहना है कि गूगल मानता है कि सीसीआई, एंड्रॉइड से ओईएम और डेवलपर को हुए फायदे को परखने में विफल साबित हुआ है। एंड्रॉइड से भारत समेत सभी पक्षों को फायदा हुआ है।
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सूत्रों ने इस बात पर जोर दिया कि एंड्रॉइड ने हर किसी के लिए कई विकल्प खोले हैं। इसके साथ ही दुनिया के भारत में हजारों व्यापारों को समर्थन दिया है।
सूत्रों ने दावा किया कि सीसीआई का निर्णय भारतीय उपयोगकर्ताओं को अभूतपूर्व सुरक्षा जोखिमों के लिए उजागर करता है और यह भारत में एंड्राइड उपकरणों को आज की तुलना में अधिक महंगा, कम कार्यात्मक और कम सुरक्षित बना देगा।
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