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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    महंगाई पर नियंत्रण को लेकर सरकार सतर्क, दिवाली बाद आ सकती है चीनी एक्सपोर्ट पालिसी

    By Jagran NewsEdited By: Siddharth Priyadarshi
    Updated: Fri, 14 Oct 2022 08:43 PM (IST)

    बेमौसम बारिश से चीनी रिकवरी दर में कमी का अंदेशा है। उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र व कर्नाटक में उत्पादन घट सकता है। इस साल अक्तूबर में 90 फीसद अधिक हुई है। ...और पढ़ें

    Government cautious about controlling inflation taking these measures to control sugar Price
    Government cautious about controlling inflation taking these measures to control sugar Price

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बेमौसम भारी बारिश से कई जगहों पर बाढ़ की नौबत आ गई है। इसकी वजह से खेतों में खड़ी फसलों के गिरने और उसकी गांठों में (कल्ले) अंकुर निकल आए हैं, जिससे गन्ने में चीनी की रिकवरी दर में कमी आने की की आशंका है।

    चालू चीनी वर्ष में पेराई सीजन शुरु होने के बावजूद मिलें चालू नहीं हो सकी हैं। इसके मुकाबले वैश्विक बाजार में चीनी की अच्छी मांग निकल रही है। उत्पादन घटने की आशंका से घरेलू बाजार में चीनी की महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार निर्यात नीति की घोषणा में सतर्कता बरत रही है। खाद्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक देश में चीनी उत्पादन को लेकर वास्तविक अनुमान लगाया जा रहा है। अक्तूबर महीने के पहले पखवारे में बरसात सामान्य से 90 फीसद तक अधिक दर्ज की गई है।

    गन्ने की फसल को नुकसान

    नेशनल फेडरेशन आफ कोआपरेटिव शुगर फैक्टरीज के प्रबंध निदेशक प्रकाश नायकनावरे के मुताबिक पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों महाराष्ट्र व कर्नाटक में हुई बरसात की वजह से खेतों में पानी लग गया है, जिससे गन्ने की कटाई होना संभव नहीं हो पा रहा है। यही हाल उत्तर प्रदेश के प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों में का भी है, जहां गन्ने की फसल खेतों में गिर गई है। बड़ी हिस्सा बाढ़ में डूबा हुआ है। दो चार मिलों में पेराई की औपचारिक शुरुआत हो चुकी थी, जिसे गन्ने की अनुपलब्धता के चलते रोक देना पड़ा।

    बढ़ सकती है चीनी की मांग

    अंतरराष्ट्रीय चीनी बाजार में भारतीय चीनी की मांग निकल रही है, जिसे लेकर घरेलू चीनी उद्योग काफी उत्साहित भी है। लेकिन सरकार की ओर से चीनी निर्यात की नीति की घोषणा नहीं की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि चीनी के वास्तविक उत्पादन का अनुमान आने के बाद ही सरकार चीनी उद्योग के आग्रह पर विचार करेगी। चीनी उद्योग ने चालू चीनी वर्ष 2022-23 के लिए 80 लाख टन चीनी निर्यात की अऩुमति देने की मांग रखी है। चालू सीजन में कुल 400 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।

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    इस सीजन में 44 लाख टन चीनी की जगह एथनाल का उत्पादन किया जाएगा। त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई है। जबकि चीनी की निर्यात मांग में उत्साहजनक वृद्धि हुई है। लेकिन अभी तक चालू सीजन के लिए निर्यात की घोषणा न होने से चीनी उद्योग थोड़ी मुश्किल महसूस कर रहा है।

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