सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कोल इंडिया, LIC, ONGC या SBI! कौन सबसे ज्यादा भर रहा सरकार की तिजोरी? दिलचस्प हैं ये आंकड़े

    Updated: Thu, 11 Jun 2026 09:32 AM (IST)

    सरकार ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में लिस्टेड सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से लाभांश के रूप में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। यह लगातार ...और पढ़ें

    सरकार को जमकर डिविडेंड दे रहीं PSU कंपनियां (AI जनरेटेड फोटो)

    सरकार को जमकर डिविडेंड दे रहीं PSU कंपनियां (AI जनरेटेड फोटो)

    HighLights

    1. तीन साल में सरकार को 2.5 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड

    2. लगातार छठे साल डिविडेंड इनकम बजट अनुमान से अधिक रही

    3. कोल इंडिया, ओएनजीसी ने सरकार को सर्वाधिक लाभांश दिया

    नई दिल्ली। सरकार ने पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर में लिस्टेड पब्लिक सेक्टर कंपनियों से डिविडेंड के तौर पर 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है। लगातार छठे साल डिविडेंड से होने वाली कमाई बजट में किए गए अनुमान से अधिक रही है। माना जा रहा है कि इस डिविडेंड से साल के बाकी समय में भी केंद्र सरकार को नॉन-टैक्स रेवेन्यू के तौर पर अहम मदद मिलेगी।

    80,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा डिविडेंड

    लिस्टेड PSU ने सरकार को लगातार अच्छा डिविडेंड दिया है। FY26 लगातार तीसरा साल रहा, जिसमें PSU कंपनियों से सरकार को मिलने वाला डिविडेंड 80,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा। FY26 में, 55 लिस्टेड PSU कंपनियों ने कुल 1.43 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया, जिसमें सरकार का हिस्सा 89,501 करोड़ रुपये रहा।
    FY25 और FY24 में, इन कंपनियों ने क्रमशः 1.33 लाख करोड़ रुपये और 1.34 लाख करोड़ रुपये का कुल डिविडेंड दिया, जिसमें सरकार का हिस्सा क्रमशः 83,496 करोड़ रुपये और 82,451 करोड़ रुपये था।

    dividend 11-6

    लगातार बढ़ती गई डिविडेंड की रकम

    हाल के वर्षों में डिविडेंड की राशि में लगातार बढ़ोतरी यह दिखाती है कि सरकारी फाइनेंस के लिए सेंट्रल PSU से मिलने वाली रकम कितनी अहम हो गई है। डिविडेंड के तौर पर सरकार को मिलने वाली रकम FY21 में ₹29,547 करोड़ थी, जो FY22 में बढ़कर ₹56,555 करोड़ और FY23 में ₹59,822 करोड़ हो गई, और फिर FY24 में ₹80,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई।
    PSU से मिलने वाला डिविडेंड, आरबीआई से मिलने वाले सरप्लस ट्रांसफर और बैंकों समेत सरकारी वित्तीय संस्थानों से मिलने वाले डिविडेंड के साथ-साथ केंद्र की गैर-कर आय (non-tax revenue) का एक अहम हिस्सा है।

    डिविडेंड पेआउट रेश्यो कैसा रहा?

    वैसे तो कुल डिविडेंड पेमेंट नए हाई लेवल पर पहुंच गया, लेकिन डिविडेंड पेआउट रेश्यो की कहानी काफी अलग रही। FY26 में डिविडेंड पेआउट रेश्यो 28 प्रतिशत रहा, जो FY21 के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। इसी तरह FY25 में ये 30.3 प्रतिशत और FY24 में 32 प्रतिशत रहा। इससे क्लियर होता है कि मुनाफा तो बढ़ रहा है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूशन रेश्यो घट रहा है।

    खबरें और भी

    किस कंपनी ने सबसे ज्यादा डिविडेंड?

    FY26 में सरकार को डिविडेंड देने के मामले में सबसे आगे रही कोल इंडिया। कोल इंडिया ने अपने कुल 16,669 करोड़ रुपये के डिविडेंड में से 10,310 करोड़ रुपये सरकार को दिए। इसके बाद ONGC और SBI का नंबर रहा, जिन्होंने क्रमशः 16,331 करोड़ रुपये और 16,015 करोड़ रुपये के कुल डिविडेंड में से 9,817 करोड़ रुपये और 8,892 करोड़ रुपये सरकार को दिए
    LIC ने कुल 6,325 करोड़ रुपये के डिविडेंड में से 6,103 करोड़ रुपये सरकार को दिए। NTPC, PowerGrid, BPCL और PFC ने क्रमशः 8,727 करोड़ रुपये, 8,371 करोड़ रुपये, 7,477 करोड़ रुपये और 6,121 करोड़ रुपये के कुल डिविडेंड में से सरकार को 4,460 करोड़ रुपये, 4,298 करोड़ रुपये, 3,962 करोड़ रुपये और 3,427 करोड़ रुपये दिए।

    तीन PSU — IREDA, हिंदुस्तान कॉपर और रेलटेल कॉर्प — ने पिछले साल डिविडेंड न देने के बाद FY26 में फिर से डिविडेंड देना शुरू किया। हालांकि, 11 PSU के डिविडेंड पेमेंट में कमी आई, जिनमें MSTC, IOCL, BEML, MOIL, इरकॉन इंटरनेशनल, गेल इंडिया, NHPC, कोचीन शिपयार्ड, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, LIC और द न्यू इंडिया एश्योरेंस शामिल हैं।

    ये भी पढ़ें - ₹423 का शेयर ₹27 पर आया, अब ₹700 Cr का दांव; नजर ₹20 हजार करोड़ की कमाई पर, UK-दुबई और सिंगापुर तक फैला कारोबार