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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकार का किसानों को तोहफा, खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ी

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Wed, 01 Jun 2016 11:03 PM (IST)

धान की एमएसपी 60 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1470 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। तूअर दाल की एमएसपी 200 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 4625 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दालों की बढ़ती मांग और तेज कीमतों को देखते हुए सरकार ने दलहन फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए समर्थन मूल्य में 425 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की घोषणा की है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान के एमएसपी में 60 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। चालू खरीफ सीजन में धान का समर्थन मूल्य 1470 रुपये प्रति क्लिंटल घोषित किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में कृषि मंत्रालय की सिफारिशों को मंजूरी दी गई है। बैठक में जहां दाल की कमी को पूरा करने के लिए दलहन खेती को पर्याप्त समर्थन देने की बात कही गई वहीं तिलहन और अन्य फसलों के लिए सरकार ने आकर्षक समर्थन मूल्य पर सहमति बनी। सरकार ने दलहन फसलों के समर्थन मूल्य पर 425 रुपये का बोनस देने का ऐलान किया है। जबकि तिलहन फसलों पर एक सौ से दो सौ रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने का फैसला किया गया। उत्पादन व आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों पर काबू पाने की कोशिश के तहत यह उपाय किया गया है।

घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उपज की सरकारी खरीद की जाती है। खरीफ सीजन की बड़ी फसल धान की होती है, जिसका बड़ा हिस्सा सरकारी एजेंसियां खरीदती हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून के शुरु होने के साथ ही धान की रोपाई का सीजन शुरु हो जाती है। सीसीईए के फैसले की जानकारी देते हुए कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2016-17 के लिए खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य का निर्धारण कर दिया है। दालों की कमी को पूरा करने के लिए दलहन पर सबसे ज्यादा सवा चार सौ रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस देने का फैसला किया गया है। जबकि एमएसपी में पिछले साल के 200 रुपये के बोनस को जोड़ दिया गया है।

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अरहर का समर्थन मूल्य बोनस सहित 5050 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जो पिछले साल के 4625 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले सवा चार सौ रुपये अधिक है। मूंग का समर्थन मूल्य 375 रुपये बढ़कर 5225 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इसी तरह उड़द का एमएसपी 4625 रुपये से बढ़कर 5000 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। सरकार का मानना है कि मूल्य में वृद्धि को देखते हुए किसान इसकी खेती की ओर आकर्षित होंगे।

सामान्य प्रजाति के धान का एमएसपी 60 रुपये बढ़कर जहां 1470 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, वहीं ए ग्रेड प्रजाति वाले धान का मूल्य 1510 रुपये हो गया है। तिलहन में मूंगफली का मूल्य 190 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर 4220 रुपये हो गया है, जिसमें 190 रुपये का बोनस शामिल है। सोयाबीन का समर्थन मूल्य 2775 रुपये क्विंटल किया गया है। सूरजमुखी के मूल्य में 150 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे उसका समर्थन मूल्य 3950 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। बुंदेलखंड में सूखे की स्थिति को देखते हुए वहां की प्रमुख फसल तिल के समर्थन मूल्य में 200 रुपये की वृद्धि की गई है। इससे उसका समर्थन मूल्य 5000 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।

खरीफ सीजन की फसल बाजरे का समर्थन मूल्य 55 रुपये बढाकर 1650 रुपये कर दिया गया है। जबकि मक्के के समर्थन मूल्य में 40 रुपये की वृद्धि की गई है। इससे उसका समर्थन मूल्य 1365 रुपये प्रति क्विंटल होगा।

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