यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
National Girl Child Day के मौके पर इन सरकारी योजनाओं का उठाएं लाभ, सुरक्षित करें बेटियों का भविष्य
National Girl Child Day केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यों की ओर से भी बच्चियों के लिए कई स्पेशल स्कीम्स चलाई जाती हैं जिसके बारे में हम अपनी इस रिपोर्ट ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारत में हर साल 24 जनवरी को 'नेशनल गर्ल चाइल्ड डे' (National Girl Child Day) के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चियों को लेकर लोगों के बीच जागरूकता फैलना है। ऐसे में बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निवेश करना भी जरूरी है। सरकारी की ओर से बच्चियों को ध्यान में रखते हुए कई ऐसे योजनाएं लॉन्च की गई हैं, जिनकी मदद से आप अपनी बच्चियों का भविष्य को संवार सकते हैं।
आज हम अपनी रिपोर्ट में बच्चियों को लेकर चलाई जा रही सरकार की पांच योजनाओं को बारे में बताने जा रहे हैं।
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सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
सुकन्या समृद्धि योजना, केंद्र सरकार की एक लंबी अवधि की बचत योजना है। इसे खासतौर पर बच्चियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें जन्म के बाद से लेकर 10 साल तक की बच्चियों के अकाउंट खोले जा सकते हैं। इसमें एक वित्त वर्ष में कम से कम 250 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं।
इस खाते का परिचालन खुलवाने के 21 साल बाद तक किया जा सकता है। बच्ची के 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद अभिभावक उच्च शिक्षा आदि के लिए 50 प्रतिशत की राशि की निकासी कर सकते हैं। फिलहाल सरकार की ओर से इस पर 7.6 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है।

बालिका समृद्धि योजना (BSY)
बालिका समृद्धि योजना का लाभ गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार की बच्चियों को दिया जाता है। ये भी केंद्र सरकार की योजना है। 15 अगस्त, 1997 या उसके बाद जन्म लेनी वाली बच्चियां इसकी पात्र हैं। इसके तहत बच्ची के जन्म के बाद 500 रुपये की उपहार राशि दी जाती है। इसके बाद पढ़ाई की लिए पहली कक्षा से ही बच्ची को स्कॉलरशिप दी जाती है।
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उड़ान सीबीएसई स्कॉलरशिप प्रोग्राम
उड़ान केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा शुरू की गई एक योजना है। इसे केंद्र सरकार की ओर से इंजीनियरिंग संस्थानों में लड़कियों के कम नामांकन की समस्या को समाप्त करने के लिए लॉन्च किया गया था। सीबीएसई में स्कूलों में ग्याहवीं कक्षा में पीसीएम लेनी वाली छात्राएं, इसके लिए आवेदन कर सकती हैं।
माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों को प्रोत्साहन
केंद्र सरकार की ओर से 2008 में माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों को प्रोत्साहन देने की राष्ट्रीय योजना (एनएसआईजीएसई) शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर को कम करना और कम से कम 18 वर्ष तक की आयु तक उनकी पढ़ाई जारी रखना था। इसका लाभ आठवीं पास कर नौवीं कक्षा में दाखिला ले चुकी लड़कियों को दिया जाता है। इसमें 3,000 रुपये की राशि एफडी के रूप में लड़कियों को दी जाती है। इस ब्याज भी दिया जाता है, जिसे वह दसवीं पास कर 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद निकाल सकती हैं।
बच्चियों के लिए राज्य सरकारों की योजनाएं
कई राज्य सरकारों जैसे दिल्ली सरकार की लाड़ली लक्ष्मी, बिहार सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना और पश्चिम बंगाल की कन्याश्री योजना खासतौर पर बच्चियों के लिए चलाई जाती है।
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