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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    LIC को कम टैक्स भरना पड़ा महंगा, GST प्राधिकरण ने लगाया करीब 37 हजार रुपये का जुर्माना

    By AgencyEdited By: Gaurav Kumar
    Updated: Wed, 11 Oct 2023 03:09 PM (IST)

    जीएसटी अधिकारियों ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी जीवन बीमा निगम (एलआईसी) पर 36844 रुपये का जुर्माना लगाया है। एलआई ने कहा कि जीएसटी अधिकारियों ने कर क ...और पढ़ें

    एलआईसी ने कुछ चालानों पर 18 प्रतिशत के बजाय 12 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान किया है।
    एलआईसी ने कुछ चालानों पर 18 प्रतिशत के बजाय 12 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान किया है।

    एजेंसी, नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी, जीवन बीमा निगम (एलआईसी) पर जीएसटी प्राधिकरण ने 36,844 रुपये का जुर्माना लगाया है।

    आज एलआई ने बताया कि जीएसटी प्राधिकरण (GST Authority) ने यह जुर्माना करों के कम भुगतान के लिए लगाया है।

    18 के जगह 12 प्रतिशत का किया भुगतान

    एलआईसी ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि बीमा कंपनी को जम्मू और कश्मीर के लिए ब्याज और जुर्माने के साथ जीएसटी संग्रह के लिए एक संचार/मांग आदेश प्राप्त हुआ है।

    राज्य कर अधिकारी, श्रीनगर के 9 अक्टूबर, 2023 के नोटिस के अनुसार, एलआईसी ने कुछ चालानों पर 18 प्रतिशत के बजाय 12 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान किया।

    जीएसटी प्राधिकरण ने 2019-20 के लिए मांग आदेश सह जुर्माना नोटिस जारी किया है जिसमे लिखा- जीएसटी 10,462 रुपये, जुर्माना 20,000 रुपये और ब्याज 6,382 रुपये। इसमें कहा गया है कि एलआईसी की वित्तीय, संचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई भौतिक प्रभाव नहीं पड़ा है।

    एलआईसी पर आयकर विभाग ने भी लगाया था जुर्माना

    आपको बता दें कि जीएसटी प्राधिकरण के नोटिस मिलने से पहले इसी महीने आयकर विभाग ने भी एलआईसी पर 84 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

    आयकर विभाग ने एलआईसी से तीन असेसमेंट इयर के लिए 84 करोड़ रुपये की मांग की है। हालांकि एलआईसी ने अब आयकर विभाग द्वारा लगाए गए जुर्माने के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है।

    एलआईसी ने तब बताया था कि आयकर विभाग ने उस पर आकलन वर्ष 2012-13 के लिए 12.61 करोड़ रुपये, आकलन वर्ष 2018-19 के लिए 33.82 करोड़ रुपये और आकलन वर्ष 2019-20 के लिए 37.58 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।