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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्या है सिस्टेमैटिक विड्राल प्लान, जो म्यूचुअल फंड निवेश को बना देगा नियमित आय का जरिया

    Updated: Sun, 18 Aug 2024 09:30 AM (GMT+05:30)

    SIP के बारे में तो सभी को पता होगा लेकिन क्या आप SWP यानी सिस्टेमैटिक विड्राल प्लान के बारे में जानते हैं। यह SIP के ठीक उलट होता है। इसमें आपको अपनी ...और पढ़ें

    SWP में एग्जिट लोड और टैक्स जैसे चार्ज भी शामिल हो सकते हैं।
    SWP में एग्जिट लोड और टैक्स जैसे चार्ज भी शामिल हो सकते हैं।

    HighLights

    1. म्यूचुअल फंड से निकासी का सिस्टेमैटिक विड्राल प्लान काफी अच्छा तरीका है।
    2. इसका इस्तेमाल करने से पूरे निवेश को एकसाथ भुनाने की जरूरत नहीं होती।
    3. इसमें आप चुन सकते हैं कि आपको कितना पैसा और कितनी बार निकालना है।

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। इसे लंबी अवधि में जादुई रिटर्न पाने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। खासकर, रिटायरमेंट के बाद आपको एकमुश्त बड़ी रकम मिल जाती है, जिससे आपकी आगे की जिंदगी काफी आसान हो जाती है।

    सिप व्यवस्थित निवेश का तरीका है, लेकिन क्या म्यूचुअल फंड में निकासी का ऐसा कोई टूल है। जवाब है, हां। आप सिस्टेमैटिक विड्राल प्लान (SWP) के जरिए म्यूचुअल फंड से नियमित पैसे निकाल सकते हैं।

    सिस्टेमैटिक विड्राल प्लान (SWP) क्या है?

    SIP में आप हर महीने एक निश्चित रकम निवेश करते हैं। म्यूचुअल फंड उससे यूनिट्स खरीदता है और उसके बढ़ने पर आपको रिटर्न मिलता है। SWP ठीक इसके उलट प्रक्रिया है। इसे सेट अप करने के बाद फंड हाउस आपके म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स से जरूरी यूनिट्स भुनाएगा और उसे आपके बैंक अकाउंट में जमा कर देगा। इससे आपको म्यूचुअल फंड से नियमित और योजनाबद्ध तरीके से पैसे निकालने में मदद मिलती है। इसमें आप यह भी चुन सकते हैं कि आपको कितना पैसा और कितनी बार निकालना है।

    कैसे काम करता है सिस्टेमैटिक विड्राल प्लान?

    अब मान लीजिए आपके पास 5 लाख रुपये का म्यूचुअल फंड कॉर्पस है। यह फंड हर साल औसतन 12 फीसदी का रिटर्न कमाता है। इसमें मतलब कि एक साल में आपका कॉर्पस 5,60,000 हो जाएगा। अब आपको सालाना 50 हजार रुपये निकालने के लिए SWP करनी है। तो यह आपके सालभर के रिटर्न से मिलेगी, जो कि 12 फीसदी के हिसाब से 60 हजार रुपये होगा। इस 60 हजार में से 50 हजार SWP के जरिए आपके बैंक अकाउंट में आ जाएंगे, वहीं बाकी के 10 हजार रुपये का रिटर्न आपके कॉर्पस में जुड़ जाएगा और वह 5,10,000 रुपये हो जाएगा।

    SWP में क्या फायदा मिलता है?

    SWP का सबसे अच्छा फायदा यह है कि इसमें आपको आमदनी का एक नियमित जरिया मिल जाता है। यह उनके लिए शानदार विकल्प है, जो अपने निवेश से नियमित आय चाहते हैं, जैसे कि रिटायर्ड लोग। साथ ही, आपको SWP में अपना सारा निवेश एकसाथ भुनाने की जरूरत नहीं होती। एकसाथ SIP भुनाना शेयर मार्केट के खराब प्रदर्शन की स्थिति में जोखिम भरा भी हो सकता है, क्योंकि उस वक्त आपके निवेश की वैल्यू कम होती है। लेकिन, SWP के साथ यह परेशानी नहीं होती।

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    क्या SWP के नुकसान भी हैं?

    अगर SWP के नुकसान की बात करें, तो सबसे पहले बाजार जोखिम शामिल है, क्योंकि रिटर्न की गारंटी नहीं होती है। यह काफी हद तक आपके फंड के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। अगर निकासी रिटर्न से अधिक हो जाती है, तो पूंजी में कमी की भी आशंका रहती है। साथ ही, SWP में एग्जिट लोड और टैक्स जैसे चार्ज भी शामिल हो सकते हैं, जो आपके ओवरऑल रिटर्न पर असर डाल सकते हैं।

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