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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Moonlighting वाले ITR भरते समय इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो आ जाएगा आयकर विभाग का नोटिस

    Updated: Sun, 30 Jun 2024 08:00 AM (IST)

    जब हम अपनी नियमित कमाई के अलावा फ्रीलांस या फिर किसी अन्य तरह का काम करके पैसा कमाते हैं तो इसे Moonlighting कहते हैं। मूनलाइटिंग के जरिए अर्जित आय को ...और पढ़ें

    Moonlighting वाली कमाई के लिए भी ITR भरना जरूरी है।
    Moonlighting वाली कमाई के लिए भी ITR भरना जरूरी है।

    HighLights

    1. मूनलाइटिंग वाली कमाई छुपाने से आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है
    2. मूनलाइटिंग से की जाने वाली कमाई को लेकर अलग-अलग नियम हैं।

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप भी ऑफिस का काम करने के अलावा मूनलाइटिंग करते हैं, तो ये लेख आपके काम का है। अक्सर लोग इनकम टैक्स से बचने के लिए ऊपर की कमाई छुपा लेते हैं। अगर आप ऐसा करते हुए पाए गए, तो आयकर विभाग की ओर से नोटिस भेजा सकता है।

    Moonlighting क्या होती है?

    जब हम अपनी नियमित कमाई के अलावा फ्रीलांस या फिर किसी अन्य तरह का काम करके पैसा कमाते हैं, तो इसे Moonlighting कहते हैं। आसान भाषा में समझें, तो हर महीने मिलने वाली तनख्वाह के अलावा हम जो ऊपर की कमाई करते हैं  उसे मूनलाइट कहते हैं। ऐसा करने वालों को मूनलाइटर्स बोला जाता है।

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    मूनलाइटिंग पर कैसे लगता है टैक्स? 

    मूनलाइटिंग के जरिए अर्जित आय को वेतन या पेशेवर शुल्क/व्यावसायिक आय के रूप में प्राप्त किया जा सकता है। इस कमाई पर भी टैक्स भरना जरूरी है। अगर मूनलाइटिंग से आय वेतन के रूप में प्राप्त होती है, तो व्यक्ति की कुल आय पर लागू टैक्स स्लैब के अनुसार कर लगाया जाता है। फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी या किसी अन्य प्रकार के स्व-रोजगार से मिली मूनलाइटिंग इनकम पर अलग तरह से टैक्स लगाया जाता है।

    किस ITR- Form की जरूरत? 

    मूनलाइटिंग से की जाने वाली कमाई को लेकर अलग-अलग नियम हैं। अगर ये पैसे आपको सैलरी के तौर पर मिल रहे हैं, तो इसे ITR-1 में दिखाना होगा। अगर कुल इनकम 50 लाख रुपए से ज्यादा है या फिर ये किसी तरह का कैपिटल गेन है, तो ITR-2 फॉर्म लगेगा। अगर आपने क्लाइंट से प्रोफेशनल फीस के तौर पर पैसे चार्ज किए हैं, तो इसके लिए ITR-3 भरना होगा। वहीं, बिजनेस या प्रोफेशनल फीस से अतिरिक्त हुई कमाई के लिए ITR-4 भरना होगा। 

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