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समंदर का किंग बनने की तैयारी में भारत, ⁠190 बिलियन डॉलर वाले सी फूड मार्केट में 20% हिस्सेदारी पर नजर! 

Updated: Tue, 18 Aug 2026 01:54 PM (IST)

भारत 190 बिलियन डॉलर के वैश्विक सीफूड बाजार में 20% हिस्सेदारी का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जिसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और वैल्यू एडिशन पर ...और पढ़ें

सी फूड मार्केट में भारत की बड़ी तैयारी

सी फूड मार्केट में भारत की बड़ी तैयारी

HighLights

  1. भारत का लक्ष्य $190 बिलियन सीफूड बाजार में 20% हिस्सेदारी।

  2. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से निर्यात ₹70,000 करोड़ पहुंचा।

  3. सरकार वैल्यू एडिशन और प्रशिक्षण पर दे रही है जोर।

नई दिल्ली| भारत का निर्यात तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री ने देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से ब्लू इकॉनमी पर भी जोर दिया है। भारत सीफूड मार्केट में अपनी धाक बनाने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री मस्त्य संपदा योजना (PMMSY) शुरू की थी। जिसके बदौलत देश सीफूड के एक्सपोर्ट पर तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है, अब भारत का लक्ष्य 190 बिलियन डॉलर वाले सी फूड मार्केट में 20% हिस्सेदारी पर है।

अमेरिका-चीन और यूरोप हैं हमारे खरीदार

PIB के मुताबिक साल 2013–14 में देश का सीफूड एक्सपोर्ट ₹30,213 करोड़ था, जो बढ़कर साल 2025–26 में ₹70 हजार करोड़ का हो गया है। इसमें सबसे अधिक झींगा की हिस्सेदारी है, हमारे यहां का झींगा दुनिया के देशों में पसंद किया जाता है, सीफूड के मामले में अमेरिका, चीन और यूरोपीय देश आज भी हमारे बड़े खरीदार देशों में शामिल हैं।

सरकार दे रही वैल्यू एडिशन पर जोर

सीफूड एक्सपोर्ट बढ़ाने ₹70 हजार करोड़ का है, अब सरकार इसे ₹1 लाख करोड़ तक ले जाने का प्लान कर रही है। सरकार की ओर इसके लिए बड़ी तैयारी की जा रही है। सरकार रेडी-टू-ईट, रेडी-टू-कुक और वैल्यू एडिशन पर काम कर रही है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में मांग जोरों पर है। फिशरीज डिपार्टमेंट से जुड़े एक्सपर्ट ने मीडिया को बताया कि प्लान के मुताबिक साल 2030 तक फिश वैल्यू एडेड प्रोडक्ट को डबल से भी ज्यादा करने के लिए खास प्लान बनाया गया है।

विदेशों ट्रेनिंग देने से आ रहे एक्सपर्ट

इसके लिए प्रोडक्शन की क्षमता बढ़ाने और लेबर को ट्रेनिंग देने का काम चल रहा है। विदेशी एक्सपर्ट से भी अब देश के घरेलू लेबर को खास ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबकि पहले चरण की ट्रेनिंग के लिए एक्सपर्ट के तौर पर वियतनाम से ट्रान क्वोक सोन और चू थी तुयेट माई को बुलाया गया था। लेबर को 22 तरह के प्रोडक्ट तैयार करने की ट्रेनिंग दिलाई जा रही है।

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20 फीसदी हिस्सेदारी पर नजर

भारत का मछली उत्पादन 190 लाख टन से ऊपर पहुंच गया है, जिसमें झींगा उत्पादन और डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। सीफूड एक्सपोर्ट ₹70 हजार करोड़ से ज्यादा का हो चुका है जिसके कारण देश की नजर वर्ल्ड के इंटरनेशनल सीफूड बाजार पर है। फिशरीज एक्सपर्ट्स की मानें तो विश्व में मछलियों से बने वैल्यू एडेड प्रोडक्ट का बाजार करीब 190 बिलियन डॉलर का है जिसमें भारत आठ बिलियन डॉलर की हिस्सेदारी रखता है। एक्सपर्ट्स की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक देश का टॉरगेट अब कुल बाजार का 20 फीसद हिस्सा है।