सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूरोपियन यूनियन के GSP लाभ खत्म करने से भारत का 87 नहीं, मात्र 2.7% निर्यात होगा प्रभावित; सरकार ने बताया

    Updated: Sat, 24 Jan 2026 12:30 PM (GMT+05:30)

    यूरोपीय यूनियन ने 1 जनवरी, 2026 से भारत के लिए जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंसेज (EU GSP suspension India) लाभ निलंबित कर दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया ह ...और पढ़ें

    यूरोपियन यूनियन के GSP लाभ खत्म करने से भारत का मात्र 2.7% निर्यात होगा प्रभावित, सरकार ने खुद बताया

    यूरोपियन यूनियन के GSP लाभ खत्म करने से भारत का मात्र 2.7% निर्यात होगा प्रभावित, सरकार ने खुद बताया

    HighLights

    1. EU ने 1 जनवरी 2026 से GSP लाभ निलंबित किए।

    2. सरकार के अनुसार, भारत का केवल 2.66% निर्यात प्रभावित होगा।

    3. कृषि उत्पाद बाहर, चमड़े को GSP लाभ फिर से मिला।

    नई दिल्ली। यूरोपियन यूनियन (EU) ने 1 जनवरी, 2026 से भारत के लिए जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंसेज (GSP) के लाभ निलंबित (EU GSP suspension India) को 2 साल के लिए खत्म कर दिया है। ईयू के इस कदम के बाद ऐसी खबरें आईं थी कि इससे भारत के 87 प्रतिशत निर्यात पर अधिक शुल्क (higher tariffs on Indian exports) लगेगा। लेकिन अब सरकार ने इस पर जवाब दिया है। सरकार की ओर से कहा गया कि EU GSP खत्म होने से हमारा 2.66 निर्यात प्रभावित होगा।

    वाणिज्य विभाग ने शुक्रवार को कहा कि जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज पर यूरोपियन यूनियन (EU) के नए नियम, जो विकासशील और गरीब देशों को कम या शून्य टैरिफ देते हैं, भारत के ब्लॉक को होने वाले एक्सपोर्ट के 2.66 प्रतिशत पर असर डालेंगे।

    सरकार ने बताया कितना प्रभावित होगा निर्यात?

    रेगुलेशन के अनुसार, जो औपचारिक रूप से 1 जनवरी, 2026 को लागू हुआ और 31 दिसंबर, 2028 तक प्रभावी रहेगा, भारत सहित कुछ GSP लाभार्थी देशों के लिए खास टैरिफ प्रेफरेंस को सस्पेंड कर दिया गया है। नए GSP ट्रीटमेंट के तहत, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स (Agriculture Items Under New GSP) को शामिल नहीं किया गया है, और नॉन-एग्रीकल्चर सेक्टर में, सिर्फ लेदर के लिए GSP बेनिफिट्स को फिर से शुरू किया गया है।

    यह भी पढ़ें- India EU Trade डील से पहले मुंह के बल गिरा भारत का रुपया, डॉलर के मुकाबले 91.99 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

    Department of Commerce ने कहा, "2023 में, भारत से EU का इंपोर्ट लगभग €62.2 बिलियन (India Export to EU) था। इसमें से, सिर्फ €12.9 बिलियन EU के स्टैंडर्ड GSP फ्रेमवर्क के तहत योग्य था। भारत 12 प्रमुख प्रोडक्ट कैटेगरी से बाहर हो गया है। नए रेगुलेशन के अनुसार, €1.66 बिलियन के ट्रेड के GSP व्यवस्था से बाहर होने की उम्मीद है, जिससे 2023 के डेटा के अनुसार योग्य GSP ट्रेड €11.24 बिलियन रह जाएगा।"

    खबरें और भी

    कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आगे कहा कि यह ग्रेजुएशन प्रोसेस किसी देश के एक्सपोर्ट की कॉम्पिटिटिवनेस पर आधारित है, जिसकी EU द्वारा समय-समय पर समीक्षा की जाती है।

    इन उत्पादों से हटाया गया GSP

    EU ने मिनरल प्रोडक्ट्स, इनऑर्गेनिक और ऑर्गेनिक केमिकल्स, प्लास्टिक, रबर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, पत्थर, प्लास्टर, सीमेंट, एस्बेस्टस, अभ्रक या इसी तरह के मटेरियल; सिरेमिक प्रोडक्ट्स, कांच और कांच के सामान, मोती और कीमती धातुएं, लोहा, स्टील, मशीनरी, मोटर वाहन और साइकिल समेत लगभग सभी प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से GSP फायदे हटा दिए हैं।

    विभाग के अनुसार, GSP एकतरफा व्यापार वरीयता योजना है जिसके तहत EU विकासशील और सबसे कम विकसित देशों से आयात पर कम या शून्य कस्टम ड्यूटी देता है। GSP गैर-पारस्परिक है और यह विश्व व्यापार संगठन के मोस्ट-फेवर्ड-नेशन (MFN) सिद्धांत के अपवाद के रूप में काम करता है। WTO कानून के तहत इसका स्थायी कानूनी आधार 1979 का इनेबलिंग क्लॉज है, जो विकसित देशों को विकासशील देशों के साथ अलग और अधिक अनुकूल व्यवहार करने की अनुमति देता है।

    India EU Trade Deal पर लग सकती है अंतिम मुहर

    दो भारतीय और EU सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत और यूरोपियन यूनियन मंगलवार को एक फ्री ट्रेड पैक्ट के लिए लंबे समय से चल रही बातचीत खत्म होने की घोषणा कर सकते हैं।

    इस डील से यूरोपियन कारों और वाइन पर टैरिफ कम करने और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और केमिकल्स के लिए बड़ा बाजार खुलने का रास्ता साफ होगा।

    यह भई पढ़ें- गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिकी SEC ने उठाया बड़ा कदम, भारत सरकार को बायपास कर सीधे समन भेजने की तैयारी