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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए भारत के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार: आर्थिक मामलों के सचिव

    By Siddharth PriyadarshiEdited By:
    Updated: Tue, 27 Sep 2022 06:52 PM (GMT+05:30)

    आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा है कि विदेशी मुद्रा भंडार कम होने का कारण मुद्रा प्रवाह में कमी और व्यापार घाटा बढ़ना है। भारत के पास मौजूदा स्थि ...और पढ़ें

    India has large forex reserve to deal with current situation says Economic affairs secretary
    India has large forex reserve to deal with current situation says Economic affairs secretary

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने विदेशी मुद्रा भंडार में कमी की चिंताओं को मंगलवार को खारिज करते हुए कहा कहा कि भारत के पास मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए काफी मजूबत भंडार है। आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है।

    विदेशी मुद्रा भंडार लगातार सातवें सप्ताह के लिए नीचे रहा। 16 सितंबर को यह 545.65 अरब अमेरिकी डालर तक गिर गया। मुद्रा भंडार में कमी का एक प्रमुख कारण वैश्विक गतिविधियों की वजह से रुपये की विनिमय दर में गिरावट को थामने के लिए आरबीआइ की तरफ से किया गया डालर का उपयोग है।

    देश में विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार

    आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी का कारण विदेशी मुद्रा प्रवाह में कमी और व्यापार घाटा बढ़ना है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह कोई चिंता वाली बात है। भारत के पास मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा का बड़ा भंडार है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा पिछले हफ्ते बेंचमार्क उधार दर को 75 आधार अंकों से बढ़ाकर 3-3.25% करने के बाद दुनिया भर की मुद्राएं प्रभावित हुईं। आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा कि सरकार का इरादा मार्च 2023 को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य 6.4 प्रतिशत पर बरकरार रखने का है।

    बेहतर है रुपये की स्थिति

    आपको बता दें कि डालर के मुकाबले रुपया सोमवार को 81.67 के रिकार्ड निचले स्तर पर आ गया था। हालांकि, मंगलवार को यह कुछ सुधरकर 81.58 पर बंद हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा था कि आर्थिक बुनियाद मजबूत होने से रुपये की स्थिति बेहतर है। डालर के मुकाबले अन्य देशों की मुद्राओं में जिस दर से गिरावट आई है, वह भारतीय रुपये की तुलना में कहीं अधिक है। सरकार ने बजट में चालू वित्त वर्ष के लिए 14.31 लाख करोड़ रुपये का सकल बाजार उधारी लक्ष्य रखा है। इसमें से 8.45 लाख करोड़ रुपये पहली छमाही या अप्रैल-सितंबर की अवधि में उधार लिए जाने का अनुमान है।

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    सोमवार को डॉलर के मुकाबले 81.67 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद मंगलवार को रुपया सुधर गया और ग्रीनबैक के मुकाबले 81.58 पर बंद हुआ।

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