विदेशों से तेल इंपोर्ट घटाने की तैयारी में भारत, पेट्रोलियम मंत्री ने बताई 5,000 एथनॉल ईंधन स्टेशन वाली बात
भारत कच्चे तेल के आयात को कम करने के लिए 5,000 एथनॉल ईंधन स्टेशन स्थापित करने की तैयारी में है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि इससे विद ...और पढ़ें
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5,000 एथनॉल ईंधन स्टेशन बनाने की तैयारी
HighLights
भारत 5,000 एथनॉल ईंधन स्टेशन स्थापित करेगा।
कच्चे तेल का आयात कम करने का लक्ष्य।
किसानों की आय बढ़ेगी, विदेशी मुद्रा बचेगी।
नई दिल्ली| भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातक देशों में शामिल है। भारत अपनी जरूरत का क्रू़ड ऑयल 40 से ज्यादा देशों से आयात करता है। कच्चे तेल के इंपोर्ट को कम करने के लिए सरकार की ओर से लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार कच्चे तेल के आयात को कम करने के उद्देश्य से एथनॉल ईंधन स्टेशन स्थापित कर रही है।
5,000 एथनॉल ईंधन स्टेशन बनाने की तैयारी
मारुति सुजुकी द्वारा भारत की पहली एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से चलने वाली कार ((Flex-fuel) पेश किए जाने के मौके पर पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने कहा कि “हम दिल्ली-एनसीआर, पुणे, मुंबई और नागपुर में लगभग 50 से 100 एथनॉल वितरण स्टेशन के साथ शुरुआत कर रहे हैं। यह संख्या 2026 के अंत तक बढ़कर 500 तक पहुंच सकती है।” उन्होंने आगे कहा कि हमें उम्मीद है कि 2027 के अंत तक भारत में 5,000 एथनॉल ईंधन स्टेशन होंगे।
₹550 करोड़ रोज का नुकसान
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि यदि यूरो 6 (Euro 6) को E100 ईंधन के अनुकूल बनाया जा सके, तो इससे लगभग 120 अरब अमेरिकी डॉलर के कच्चे तेल आयात को कम करने में मदद मिलेगी। ऑयल मार्केट कंपनियों के घाटे पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे अभी भी प्रतिदिन लगभग 500 से 550 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं।
जापान के बाद भारत सबसे कम दाम बढ़ाने वाला देश
हरदीप पुरी ने कहा कि भारत के 60 प्रतिशत LPG और 90 प्रतिशत Crude Oil की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 93-94 दिनों में किसी भी स्थान पर ईंधन की कमी नहीं हुई है, हालांकि कुछ लोगों ने झूठी खबरें फैलाकर ऑर्टिफीशियल कमी पैदा करने की कोशिश की। पुरी ने कहा कि ईंधन कीमतों में वृद्धि के मामले में भारत जापान के बाद सबसे कम वृद्धि वाला देश है।
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उन्होंने कहा कि यदि नए आने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहनों में से आधे एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से चलने वाले हों, तो देश में 311.8 करोड़ लीटर अतिरिक्त एथनॉल की मांग पैदा हो सकती है और किसानों को 12,403 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय मिल सकती है।
1.84 लाख करोड़ विदेशी मुद्रा की बचत
उन्होंने बताया कि 2014 में पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण 1.5 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया है। इससे 302 लाख टन कच्चे तेल के Replacement के जरिए 1.84 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन उत्सर्जन नियमों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है ताकि उच्च एथनॉल मिश्रण और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग का दायरा बढ़ाया जा सके।