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सात समंदर पार विकास का नया सेतु: लिथियम, फार्मा और कृषि में भारत-अर्जेंटीना का साझा संकल्प

By IANSEdited By: Gyanendra Tiwari
Published: Sat, 29 Aug 2026 02:52 PM (IST)

भारत और अर्जेंटीना ने चौथी संयुक्त व्यापार समिति की बैठक में आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर सहमति ...और पढ़ें

भारत और अर्जेंटीना ने आर्थिक संबंधों को दी नई मजबूती

भारत और अर्जेंटीना ने आर्थिक संबंधों को दी नई मजबूती

HighLights

  1. खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड ने अर्जेंटीना में लिथियम ड्रिलिंग का दूसरा चरण पूरा किया।

  2. भारतीय दवाओं के लिए अर्जेंटीना में बाजार पहुंच आसान होगी।

  3. द्विपक्षीय व्यापार 6.5 अरब डॉलर पार; भारत पांचवां साझेदार।

आईएएनएस, नई दिल्ली। भारत और अर्जेंटीना ने अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। ब्यूनस आयर्स में आयोजित भारत-अर्जेंटीना संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की चौथी बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2025 की अर्जेंटीना यात्रा के दौरान तय किए गए रोडमैप की प्रगति की समीक्षा की गई और दोनों देशों ने व्यापार तथा निवेश सहयोग को और विस्तार देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

लिथियम खनन के दूसरे चरण की ड्रिलिंग पूरी 

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, बैठक में खनन, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से भारत की सरकारी कंपनी खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (काबिल) द्वारा अर्जेंटीना के लिथियम क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित किया गया।

अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत में काबिल की लिथियम खनन परियोजना, जो अर्जेंटीना में किसी भारतीय कंपनी की पहली लिथियम खनन पहल है, ने दूसरे चरण की ड्रिलिंग पूरी कर ली है। इसके अलावा साल्टा और जुजुय प्रांतों में भी सहयोग के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं।

माना जा रहा है कि लिथियम क्षेत्र में यह साझेदारी भारत की इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी विनिर्माण रणनीति को महत्वपूर्ण समर्थन दे सकती है। बैठक में भारतीय दवा उद्योग के लिए भी सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई।

अर्जेंटीना ने अपने औषधि नियामक ढांचे के तहत भारत को एनेक्स-2 से उन्नत कर एनेक्स-1 श्रेणी में लाने की दिशा में काम करने और बाजार प्रवेश से जुड़ी बाधाओं को कम करने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे भारतीय दवा कंपनियों के लिए अर्जेंटीना के बाजार में प्रवेश आसान होगा और वहां सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।

मजबूत हो रहे व्यापारिक संबंध 

दोनों देशों ने वर्ष 2019 में अर्जेंटीना की राष्ट्रीय औषधि, खाद्य एवं चिकित्सा प्रौद्योगिकी प्रशासन संस्था और भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के बीच हुए समझौते को आगे बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। इसके तहत आयुर्वेद और योग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त पहल करने पर जोर दिया गया। भारत और अर्जेंटीना के बीच व्यापारिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं।

वर्ष 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 6.5 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया और इसमें सालाना आधार पर 17 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही भारत अर्जेंटीना का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। कृषि क्षेत्र में भी बाजार पहुंच बढ़ाने को लेकर प्रगति हुई है।

दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य एवं पादप स्वच्छता मानकों पर तकनीकी स्तर की चर्चाएं आगे बढ़ी हैं। इसके अंतर्गत प्याज, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, अंगूर, आलू, केला और दलहन जैसे भारतीय कृषि उत्पादों के लिए अर्जेंटीना के बाजार तक पहुंच बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए गए हैं।

सरकार का मानना है कि इससे भारतीय किसानों और निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे, कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में सहायता मिलेगी। बैठक में विमानन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं को भविष्य के सहयोग क्षेत्रों के रूप में भी चिन्हित किया गया। विशेष रूप से 5जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

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