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    भारत के यूरेनियम डील से डर गया पाकिस्तान, लगी मिर्ची तो इस तरह निकाली खुन्नस; एटम बम में होता है इसका इस्तेमाल

    Updated: Thu, 05 Mar 2026 08:01 PM (IST)

    भारत ने कनाडा के साथ C$2.6 बिलियन का यूरेनियम आपूर्ति समझौता किया है, जिससे पाकिस्तान को कड़ी मिर्ची लगी है। पाकिस्तान ने इस डील को लेकर अपनी चिंताएं ...और पढ़ें

    भारत के यूरेनियम डील से डर गया पाकिस्तान, लगी मिर्ची तो इस तरह निकाली खुन्नस; एटम बम में होता है इसका इस्तेमाल

    भारत के यूरेनियम डील से डर गया पाकिस्तान, लगी मिर्ची तो इस तरह निकाली खुन्नस; एटम बम में होता है इसका इस्तेमाल

    HighLights

    1. भारत-कनाडा ने C$2.6 बिलियन यूरेनियम डील की।

    2. पाकिस्तान ने डील पर क्षेत्रीय स्थिरता की चिंता जताई।

    3. भारत के घरेलू यूरेनियम सैन्य उपयोग हेतु मुक्त होंगे।

    नई दिल्ली। भारत ने परमाणु बम में इस्तेमाल होने वाले यूरेनियम को लेकर कनाडा के सात एक ऐसी डील की है जिससे पड़ोसी पाकिस्तान को मिर्ची लगी है। दरअसल, भारत और कनाडा ने C$2.6 बिलियन (लगभग $1.9 बिलियन) के एक लॉन्ग-टर्म यूरेनियम सप्लाई एग्रीमेंट पर साइन किए। इस डील का मकसद भारत के सिविल न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम को मजबूत करना है।

    इस डील के तहत कनाडा की यूरेनियम कंपनी कैमेको कॉर्प 2027 और 2035 के बीच भारत को लगभग 22 मिलियन पाउंड यूरेनियम ओर कंसन्ट्रेट सप्लाई करेगी। इससे भारतीय न्यूक्लियर रिएक्टरों के लिए लंबे समय तक फ्यूल सिक्योरिटी पक्की होगी।

    भारत की डील से पाकिस्तान को लगी मिर्ची

    कनाडा के साथ हुई भारत की इस डील से पाकिस्तान (India Canada Uranium Deal) नाखुश है। पाकिस्तान ने भारत और कनाडा के बीच हुए यूरेनियम सप्लाई एग्रीमेंट पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इस व्यवस्था का "क्षेत्रीय स्थिरता" और ग्लोबल नॉन-प्रोलिफरेशन सिस्टम पर असर पड़ सकता है।

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि यह डील विडंबनापूर्ण है। भारत को 1974 के न्यूक्लियर टेस्ट के बावजूद खास एक्सेस दिया जा रहा है, जो शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए कनाडा द्वारा सप्लाई किए गए रिएक्टर से प्लूटोनियम का इस्तेमाल करके किया गया था।

    चिंताएं जताते हुए, ताहिर अंद्राबी ने कहा कि बाहरी यूरेनियम सप्लाई का भरोसा मिलने से भारत के घरेलू भंडार मिलिट्री इस्तेमाल के लिए खाली हो सकते हैं, जिससे इसके फिसाइल मटीरियल के भंडार को बढ़ाया जा सकेगा और इसके न्यूक्लियर हथियारों के जखीरे को तेजी से बढ़ाया जा सकेगा।

    एक महीने में दूसरी यूरेनियम सप्लाई डील

    यह एक महीने के अंदर भारत का दूसरा बड़ा यूरेनियम सप्लाई एग्रीमेंट है। इससे पहले, भारत ने कज़ाकिस्तान की सरकारी कंपनी कजाटोमप्रोम के साथ भी ऐसी ही डील फाइनल की थी, हालांकि उस कॉन्ट्रैक्ट की डिटेल्स अभी नहीं बताई गई हैं।

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