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    रूस से खरीदारी हुई कम तो तेल खरीदने साउथ अमेरिका पहुंचा भारत, पहली बार इस छोटे से देश से IOC ने किया सौदा

    Updated: Wed, 14 Jan 2026 07:01 PM (GMT+05:30)

    भारत ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों के चलते कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता लाई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने पहली बार दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर से ...और पढ़ें

    रूस से खरीदारी हुई कम तो तेल खरीदने साउथ अमेरिका पहुंचा भारत, पहली बार इस छोटे से देश से IOC ने किया सौदा

    रूस से खरीदारी हुई कम तो तेल खरीदने साउथ अमेरिका पहुंचा भारत, पहली बार इस छोटे से देश से IOC ने किया सौदा

    HighLights

    1. इंडियन ऑयल ने पहली बार इक्वाडोर से कच्चा तेल खरीदा

    2. रूसी तेल पर प्रतिबंधों के बाद भारत ने स्रोत बदले

    3. मार्च में 2 मिलियन बैरल ओरिएंट क्रूड की होगी डिलीवरी

    नई दिल्ली। तेल के खेल में भारत ने अपना नया साथी खोज लिया है। अमेरिका ने रूस और ईरानी तेल पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ऐसे में भारत ने अपने कच्चे तेल के पोर्टफोलियो को डाइवर्सीफाई कर लिया है। इसी कड़ी में भारत की सबसे बड़ी सरकारी रिफाइनरी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने साउथ अमेरिकी देश इक्वाडोर से पहली बार कच्चा तेल खरीदा है।

    यह कदम रूसी तेल सप्लाई पर दुनिया भर में लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बीच उठाया गया है। अमेरिका और यूरोपियन यूनियन द्वारा रूसी प्रोड्यूसर्स और शिपिंग वेसल्स पर लगाए गए प्रतिबंधों ने रूस से इंपोर्ट को और मुश्किल बना दिया है, जिससे भारतीय रिफाइनर सप्लाई में स्थिरता बनाए रखने के लिए कच्चे तेल के दूसरे सोर्स की तलाश कर रहे हैं।

    मार्च में होगी पहले कार्गो की डिलीवरी

    इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने इक्वाडोर से कच्चे तेल का अपना पहला कार्गो खरीदा है। कंपनी ऐसा करके अपने सोर्सिंग ऑप्शन बढ़ाना चाहती है और रूसी तेल सप्लाई में रुकावटों से जुड़े जोखिमों को कम करना चाहती है।

    रॉयटर्स के अनुसार, कंपनी ने एक टेंडर के जरिए मार्च के आखिर में डिलीवरी के लिए इक्वाडोर का लगभग 2 मिलियन बैरल ओरिएंट क्रूड खरीदा, लेकिन कीमत या बेचने वाले का नाम नहीं बताया।

    भारत की सबसे बड़ी सरकारी रिफाइनरी और दूसरी सभी भारतीय कंपनियां, रूस की टॉप प्रोड्यूसर रोसनेफ्ट और लुकऑयल पर अमेरिका के प्रतिबंधों के बाद रूस से मिलने वाली सप्लाई के बदले, अच्छी कीमत पर कच्चे तेल के लिए पूरी दुनिया में तलाश कर रही हैं।

    खबरें और भी

    रॉयटर्स को ट्रेड सूत्रों ने बताया कि दिसंबर में, IOC ने कोलंबिया की सरकारी तेल कंपनी इकोपेट्रोल के साथ एक ऑप्शनल सप्लाई डील के तहत कोलंबिया से अपना पहला कच्चा तेल खरीदा।

    अनुमान है कि फरवरी 2022 में पुतिन द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद से भारत ने 168 बिलियन डॉलर का रूसी कच्चा तेल इंपोर्ट किया है।

    लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों और ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मुश्किल ट्रेड बातचीत के बीच, भारतीय रिफाइनर रूसी तेल की कुछ मात्रा को बदलने के लिए अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका के अलग-अलग प्रोड्यूसर्स की ओर रुख कर रहे हैं।

    बजट में पेट्रोल-डीजल पर बढ़ सकती है एक्साइज ड्यूटी

    JM फाइनेंशियल के मुताबिक, ओवरसप्लाई के कारण ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतें करीब $60 प्रति बैरल पर कम बनी हुई हैं, जबकि घरेलू फ्यूल मार्केटिंग मार्जिन ऐतिहासिक लेवल से काफी ऊपर बढ़ गए हैं। ब्रोकरेज का अनुमान है कि पेट्रोल और डीजल का मार्केटिंग मार्जिन ₹10 प्रति लीटर से ज्यादा है, जबकि लॉन्ग-टर्म एवरेज करीब ₹3.5 प्रति लीटर है।

    ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि सरकार आने वाले बजट में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹3-₹4 प्रति लीटर बढ़ा सकती है, जिससे सरकारी रेवेन्यू बढ़ेगा लेकिन फ्यूल रिटेलर्स का प्रॉफिट कम हो जाएगा।

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