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साइकिल बनाने वाली कंपनी भारत में लगाएगी देश का पहला समुद्री विंड फार्म, तेज हवाओं से बनेगी बिजली

Published: Mon, 05 Oct 2026 06:47 PM (IST)Updated: Mon, 05 Oct 2026 07:15 PM (IST)

भारत को तमिलनाडु के थूथुकुडी में अपना पहला 6.25 MW का ऑफशोर विंड फार्म प्रोटोटाइप मिलने वाला है। यह ₹77 ...और पढ़ें

भारत का पहला ऑफशोर विंड फार्म थूथुकुडी में, समंदर से बनेगी बिजली (AI फोटो)

भारत का पहला ऑफशोर विंड फार्म थूथुकुडी में, समंदर से बनेगी बिजली (AI फोटो)

HighLights

  1. भारत का पहला ऑफशोर विंड फार्म प्रोटोटाइप थूथुकुडी में स्थापित होगा।

  2. ₹77 करोड़ की लागत से 6.25 MW का टरबाइन लगाया जाएगा।

  3. प्रोजेक्ट ऑफशोर विंड डेवलपमेंट की तकनीकी चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। साइकिल बनाने वाली एक बड़ी कंपनी अब पैडल की जगह प्रोपेलर (पंखे) पर ध्यान दे रही है और अपने पारंपरिक काम से हटकर भारत के पहले बड़े ऑफशोर विंड फार्म (समुद्र में हवा से बिजली बनाने वाले प्लांट) की शुरुआत कर रही है। दशकों से तमिलनाडु, देश में जमीन पर हवा से बिजली बनाने (ऑनशोर विंड एनर्जी) का मुख्य केंद्र रहा है, जहां के मैदानों और पहाड़ी रास्तों पर टर्बाइन लगे हुए हैं। अब, साइकिल बनाने वाली यह कंपनी इस रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) की विरासत को एक नई और साहसी दिशा में ले जा रही है, जिसका मकसद सीधे समुद्र से बिजली पैदा करना है।

बिजनेसलाइन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का यह बड़ा समुद्री प्रोजेक्ट थूथुकुडी के तटीय इलाकों में शुरू हो रहा है। शुरुआती चरण में ₹77 करोड़ की लागत से एक प्रोटोटाइप तैयार किया गया है, जिसमें 6.25-MW का टर्बाइन शामिल है। इसे इनर हार्बर के दक्षिणी ब्रेकवाटर से लगभग 1,650 मीटर दूर लगाया गया है। एक बार चालू होने के बाद, समुद्री हवाओं से बनी बिजली को TANGEDCO और TANTRANSCO के नियमों के अनुसार सीधे राज्य के ग्रिड में भेजा जाएगा।

हालांकि, समुद्री ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में साइकिल बनाने वाली कंपनी का आगे आना थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इंडस्ट्री के जानकारों के लिए यह एक बहुत बड़ा बदलाव है।

मशहूर साइकिल ब्रांड से जुड़ी ग्रीन एनर्जी कंपनी हीरो फ्यूचर एनर्जीज के ग्लोबल CEO श्रीवत्सन अय्यर के मुताबिक इस इंस्टॉलेशन से ऑफशोर विंड एनर्जी का कॉन्सेप्ट सिर्फ कागजी योजना से हटकर असलियत में बदल रहा है, जिसे टेस्ट किया जा सकता है। इससे कंपनी और देश को समुद्री लॉजिस्टिक्स, जहाजों के ऑपरेशन और समुद्री ग्रिड कनेक्टिविटी के मामले में जरूरी व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

थूथुकुडी की तेज समुद्री हवाओं और पहले से मौजूद पोर्ट इकोसिस्टम का फायदा उठाकर, साइकिल बनाने वाली यह कंपनी बड़े पैमाने पर समुद्री प्रोजेक्ट्स के लिए आधार तैयार कर रही है। उनका यह साहसी कदम भारत की मौजूदा 57,443 MW विंड एनर्जी क्षमता को बढ़ाने का वादा करता है।

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