देश के सबसे बड़े बैंक ने सरकार को दिए 88130000000 रुपये, SBI चेयरमैन बोले- 'सिर्फ सेंसेक्स मत देखिए...'
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को 88130000000 रुपये का डिविडेंड (SBI divi ...और पढ़ें

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को 8,813 करोड़ रुपए का डिविडेंड (SBI dividend 2025-26) चेक सौंपा।
आईएएनएस, नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को 8,813 करोड़ रुपए का डिविडेंड (SBI dividend 2025-26) चेक सौंपा। यह चेक एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा।
वित्त मंत्री कार्यालय (एफएमओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस जानकारी को साझा करते हुए बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8,813 करोड़ रुपए का डिविडेंड चेक प्राप्त किया है।
Smt @nsitharaman receives a dividend cheque of Rs 8,813 crore for FY 2025-26 from Shri C S Setty, Chairman - @TheOfficialSBI. pic.twitter.com/wNeB9HkqVw
— Nirmala Sitharaman Office (@nsitharamanoffc) June 8, 2026
यह डिविडेंड भुगतान सार्वजनिक क्षेत्र के इस बड़े बैंक के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाता है। साथ ही, यह केंद्र सरकार की गैर-कर (नॉन-टैक्स) आय में एक महत्वपूर्ण योगदान भी माना जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब एसबीआई देश के बैंकिंग और डिजिटल भुगतान तंत्र में एक अहम भूमिका निभा रहा है।
सी.एस. शेट्टी के नेतृत्व में एसबीआई लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और देश की दीर्घकालिक विकास संभावनाएं बेहतर बनी हुई हैं।
इस महीने की शुरुआत में सी.एस. शेट्टी ने कहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला आर्थिक परिस्थितियों को संतुलित करने और विकास को समर्थन देने में मदद करेगा।
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मुंबई में आयोजित एक उद्योग कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि महंगाई की स्थिति नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है, लेकिन मौजूदा समय में ब्याज दरों में कोई बदलाव न करना वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और अर्थव्यवस्था की सुचारु वृद्धि के लिए लाभकारी होगा।
उन्होंने कहा, "कुल मिलाकर बाजार की उम्मीद है कि इस समय ब्याज दरों में ठहराव आ सकता है। महंगाई की स्थिति महत्वपूर्ण है, लेकिन दरों को स्थिर रखना निश्चित रूप से हालात को संतुलित करने और विकास को सुचारु बनाए रखने में मदद करेगा।"
इसके अलावा, देश के सबसे बड़े बैंक के चेयरमैन ने निवेशकों से शेयर बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से आगे देखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि निवेशकों को भारत की दीर्घकालिक विकास कहानी पर ध्यान देना चाहिए, जो बैंकिंग सुधारों, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे के विकास से संचालित हो रही है।
सी.एस. शेट्टी ने कहा, "सिर्फ सेंसेक्स को मत देखिए, भारत को एक दीर्घकालिक विकास की कहानी के रूप में देखिए।"