अल नीनो की वापसी से पहले मजबूत हुआ देश का खाद्यान्न भंडार, अनुमान से भी अधिक रहा चावल-गेहूं का स्टॉक
अल नीनो के अनुमान से पहले भारत का चावल और गेहूं का भंडार रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है। यह मजबूत स्टॉक देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और निर ...और पढ़ें

देश में खाद्यान्न भंडार हुआ मजबूत
HighLights
चावल का स्टॉक 15% बढ़कर रिकॉर्ड 68.43 मिलियन टन।
गेहूं का स्टॉक पांच साल के उच्चतम 53.41 मिलियन टन।
मजबूत भंडार अल नीनो के बावजूद खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
नई दिल्ली| अलनीनो संकट के अनुमान से पहले भारत के खाद्यान्न भंडार को लेकर बड़ी खबर आई है। सरकार ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। सरकारी गोदामों में चावल का भंडार एक साल पहले की तुलना में 15 प्रतिशत बढ़कर जून की शुरुआत में रिकार्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है। बीते दिनों जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, किसानों से बढ़ती खरीद के कारण गेहूं का स्टॉक भी पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
कितना है चावल-गेहूं का स्टॉक?
आंकड़ों के अनुसार 1 जून तक सरकारी गोदामों में भारत का चावल (Rice) का स्टॉक सालाना आधार पर 15% बढ़कर रिकॉर्ड 68.43 मिलियन मीट्रिक टन हो गया है। वहीं गेहूं का स्टॉक 53.41 मिलियन टन पर पहुंच गया जो पांच सालों में उच्चतम स्टॉक है। अनाज के भंडार में यह बड़ी बढ़ोतरी साल 2025-26 में सरकारी खरीद और रिकॉर्ड घरेलू उत्पादन को दर्शाती है।
अल नीनो के बीच भी निर्यात बढ़ाने में मदद
एक्सपर्ट्स की मानें तो अल नीनो के कारण कम बारिश के पूर्वानुमान को लेकर भले ही चिंता बनी हुई है, लेकिन चावल का रिकार्ड स्टॉक भारत को निर्यात बढ़ाने में मदद करेगा। गेहूं के स्टॉक में सुधार से केंद्र सरकार को किसी तरह की कीमतें बढ़ने के दौरान नियंत्रण करने में मदद मिलेगी, और खुले बाजार में बिक्री बढ़ाई जा सकेगी।
लक्ष्य से अधिक पहुंचा चावल-गेहूं का स्टॉक
आंकड़ों के अनुसार, एक जून तक चावल का भंडार 6.84 करोड़ टन पहुंच गया है, जो एक जुलाई के लिए सरकार के लक्ष्य 1.35 करोड़ टन से काफी अधिक है। बता दें कि इसमें कच्चा धान भी शामिल है। इसी तरह, गेहूं के स्टॉक की बात करें तो 1 जून को 5.341 करोड़ टन रहा है, जो सरकार के 2.76 करोड़ टन के लक्ष्य से काफी ज्यादा है, और 2021 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।
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देश में चावल गेहूं का उत्पादन भी बढ़ा
इस बार अल नीनो के चलते कमजोर मॉनसून का अनुमान लगाया गया है। ऐसे में सरकार ने खाद्यान्न के स्टॉक को मजबूत कर लिया है। इसके साथ ही फसल वर्ष 2025-26 में भारत का चावल और गेहूं उत्पादन में भी काफी तेजी आई है, जो 1.54 करोड़ टन और 1.20 करोड़ टन के रिकार्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है।