पिछले 3 दशक में कितनी Airlines भारत में हुई बंद? किस साल कौन-सी कंपनी ने समेटा बोरिया-बिस्तर
इंडिगो फ्लाइट कैंसेलेशन के कारण इंडिगो को DGCA द्वारा फ्लाइट शेड्यूल में 5% की कटौती करने का आदेश दिया गया है, जिससे कंपनी की लगभग 110 डेली फ्लाइट्स द ...और पढ़ें
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भारत में कई एयरलाइंस हो चुकी हैं बंद
HighLights
इंडिगो को फ्लाइट शेड्यूल में 5% कटौती का आदेश
कई पुरानी एयरलाइंस विभिन्न संकटों में फंसी
गो फर्स्ट सहित कई एयरलाइंस बंद हो चुकी हैं
नई दिल्ली। इस समय इंडिगो फ्लाइट कैंसेलेशन (Indigo Crisis) का मुद्दा हर किसी की जुबान पर है। इस संकट में इंडिगो को तगड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि DGCA ने इंडिगो को अपने फ्लाइट शेड्यूल में 5% की कटौती करने का आदेश दिया है। इसकी लगभग 110 डेली फ्लाइट्स दूसरी एयरलाइन्स को दी जा सकती हैं। इसके नतीजे में कंपनी के वित्तीय नतीजों पर असर पड़ सकता है।
इंडिगो से पहले बहुत सारी दूसरी एयरलाइंस कई तरह के संकट में फंस चुकी हैं, जिनमें से कई बीते करीब 35 सालों में बंद (Defunct Airlines of India) हो गयीं। इनमें बंद होने वाली सबसे आखिरी एयरलाइन थी गो फर्स्ट।
ईस्ट-वेस्ट एयरलाइंस
90 के दशक की शुरुआत तक भारत में प्राइवेटाइजेशन नहीं हुआ था। इसलिए भारत में तब एविएशन सेक्टर में केवल एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस ही थीं। 1991 में उदारीकरण के बाद पहली प्राइवेट शेड्यूल्ड एयरलाइन बनी ईस्ट-वेस्ट एयरलाइंस।
इसके फाउंडर थाकिउद्दीन वाहिद ने इंडियन एयरलाइंस से भी कम किराया रखा था। शायद यही उनकी गलती थी। नतीजे में बैंक से लोन मिलना बंद, हवाई जहाज उड़ना बंद और अंत में कंपनी ही बंद।
और कब कौन सी एयरलाइन हुई बंद
- एयर डेक्कन - 2003 में शुरू होकर 2007-08 में बिक गयी
- किंगफिशर - 2003 में शुरू और 2012 में बंद
- पैरामाउंट - 2005 में शुरू और 2010 में बंद
- एयर कोस्टा - 2013 में शुरू और 2017 में बंद
- एयर पेगासस - 2007 में शुरू और 2016 में बंद
- एयर ओडिशा - 2011 में शुरू और 2019 में बंद
- डेक्कन 360 - 2009 में शुरू और 2011 में बंद
- जेट एयरवेज - 1993 में शुरू और 2019 में बंद
- गो फर्स्ट - 2005 में शुरू और 2023 में बंद
दमानिया और मोदीलुफ्त
उसी दौरान 1993 में दमानिया एयरवेज आई, जिसने शानदार सर्विसेज की पेशकश की। मगर इसके टिकट प्राइस में कॉस्ट नहीं निकल पाई। 1997 में ये भी बंद हो गयी। 1994 में मोदीलुफ्त शुरू और महज 2 साल बाद 1996 में ये भी बंद हो गई। मोदीलुफ्त को मोदी एंटरप्राइजेज और जर्मनी के Lufthansa Group ने मिलकर शुरू किया था।
सहारा क्यों डूबी
1993 में आई सहारा, जिसने तब दिल्ली-बॉम्बे का वन-वे किराया 2999 रुपये रखा, जबकि इंडियन एयरलाइंस 6000 रुपये वसूल रही थी। फिर 1997-98 में पूर्वी एशियाई वित्तीय संकट के दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले बहुत कमजोर हुआ।
इससे लीज का किराया 20% बढ़ा। सहारा को काफी नुकसान हुआ। तब इसने बचने के लिए जेट एयरवेज को 49% हिस्सेदारी बेच दी। अंत में 2007 में इसने पूरी एयरलाइन ही बेचकर सहारा एयरलाइन को खत्म कर दिया। नई एयरलाइन कहलाई जेटलाइट (सहारा के जेट एयरवेज को बिकने के बाद)।
जेट एयरवेज 2019 में बंद हुई, तो जेटलाइट कैसे चलती रह सकती थी। नतीजे में ये भी बंद हुई।
और भी कई एयरलाइंस नहीं हुईं सफल
ऊपर बताई गई एयरलाइंस के अलावा भी कई छोटी एयरलाइन कंपनियां समय-समय पर आती रहीं और बंद होती रहीं। इनमें एयर मंत्र, Archana Airways, Chhattisgarh Air Link, डोव एयरलाइंस और एलबी एयरलाइंस शामिल हैं।
