यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Intel Layoffs: आ गया बहुत बड़ा संकट! एक झटके में जाएगी 25000 लोगों की नौकरी, दिग्गज IT कंपनी ने की घोषणा
Intel Layoffs इंटेल अपने इतिहास में सबसे बड़े फेरबदल के लिए तैयारी कर रहा है। कंपनी 2025 के अंत तक 25000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी करेगी। यह कदम ऐ ...और पढ़ें

नई दिल्ली। इंटरनेट के इस युग में नौकरी पाने की जितनी संभावनाएं हैं उतनी ही जाने की भी है। इस साल कई बड़ी कंपनियों ने छंटनी का ऐलान किया है। अब इस कड़ी में एक और दिग्गज आईटी कंपनी का नाम जुड़ गया है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चिप निर्माता इंटेल 25,000 से अधिक नौकरियों में कटौती (Intel Layoffs) करने की योजना बना रहा है क्योंकि वह एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है।
कंपनी 2025 के अंत तक अपने कर्मचारियों की संख्या लगभग 75,000 तक कम करना चाहती है। इसी लक्ष्य को लेकर वह आगे बढ़ रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि नौकरियों में कटौती छंटनी, कर्मचारियों की छंटनी और अन्य कार्रवाइयों के मिश्रण के जरिए होगी। इंटेल के लेऑफ की खबर (Intel layoffs news) ने कर्मचारियों के मन में भय पैदा कर दिया है।
अब तक इतने लोगों को नौकरी से निकाल चुकी है कंपनी
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इंटेल अप्रैल 2025 से अब तक अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 15% या लगभग 15,000 की कटौती कर चुका है। यह पिछले साल 15,000 से अधिक नौकरियों में कटौती के बाद हुआ है।
इंटेल ने 2025 की दूसरी तिमाही के अपने वित्तीय परिणाम जारी करते हुए छंटनी ( Intel cut off news) के पैमाने की पुष्टि की है। कंपनी ने 2.9 अरब अमेरिकी डॉलर का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। अप्रैल जून तिमाही का रेवेन्यू 12.9 अरब अमेरिकी डॉलर पर स्थिर रहा। हालांकि यह फिर भी बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहा।
कभी सबसे अधिक मुनाफे वाली कंपनी थी Intel
इंटेल कभी सिलिकॉन वैली की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली बड़ी कंपनियों में से एक थी। यह कंपनी 1990 के दशक में पर्सनल कंप्यूटर में इलेक्ट्रॉनिक दिमाग का काम करने वाले माइक्रोप्रोसेसर चिप की बिक्री के दम पर ख्याति प्राप्त की थी।
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लेकिन कंपनी स्मार्टफोन के क्षेत्र में आई तेजी से चूक गई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में इस्तेमाल होने वाले चिप्स की भारी मांग का फायदा उठाने में भी नाकाम रही, जिस क्षेत्र में एनवीडिया का दबदबा है।