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भारत के 'दोस्त' को मिला खजाना, अमेरिका की कड़ी नाकाबंदी के बीच इस देश के हाथ लगी 7.5 ट्रिलियन क्यूबिट फीट गैस!

Updated: Mon, 24 Aug 2026 09:13 AM (IST)

अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव और कड़े प्रतिबंधों के बीच ईरान ने दक्षिणी फार्स प्रांत में 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस का विशाल भंडार खोजा है।

भारत के दोस्त के हाथ लगा खजाना! (AI-generated photo)

भारत के दोस्त के हाथ लगा खजाना! (AI-generated photo)

HighLights

  1. ईरान ने फार्स प्रांत में विशाल गैस भंडार खोजा।

  2. 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस का अनुमानित भंडार।

  3. अमेरिकी प्रतिबंधों और तनाव के बीच महत्वपूर्ण उपलब्धि।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल के साथ महीनों से चल रहे भारी तनाव और कड़े प्रतिबंधों के बीच भारत के मित्र देश ईरान को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। ऊर्जा क्षेत्र में भारी उथल-पुथल के बावजूद ईरान ने अपने दक्षिणी फार्स प्रांत (Fars province) में 7.5 ट्रिलियन क्यूबिट फीट से अधिक गैस के विशाल भंडार की खोज (iran discovers 7.5 trillion cubit feet gas) की है।

खजाने की अहमियत

रविवार को ईरान के तेल मंत्री मोहसिन पाकनेजाद ने सरकारी टेलीविजन पर जानकारी देते हुए बताया कि इस नई खोज में से लगभग 5.7 ट्रिलियन क्यूबिट फीट गैस निकालने योग्य (recoverable gas) है। यह भंडार दुनिया के सबस बड़े गैस क्षेत्र 'साउथ पार्स' (जिसे ईरान कतर के साथ साझा करता है) के एक चरण के करीब 15 सालों के उत्पादन के बराबर है। इसके अलावा, इस खोज में ऐसे गैस कंडेनसेट भी शामिल है जिनकी कीमत दसियों अरब डॉलर आंकी जा रही है।

युद्ध का ईरानी एनर्जी पर असर

यह खोज ऐसे समय में हुई है जब ईरान का ऊर्जा क्षेत्र पहले से ही पश्चिमी प्रतिबंधों, कम निवेश और बिजली की कमी से जूझ रहा था। Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के अंत में ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के बाद ईरान ने अपनी दैनिक गैस उत्पादन क्षमता का लगभग एक चौथाई हिस्सा खो दिया था। हालांकि कुछ गैस क्षमता वापस बहाल हो गई है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अमेरिकी से ठनी

ईरान और अमेरिका के बीच प्रमुख वैश्विक ऊर्जा गलियारे, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर भी तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'सोशल' पर 18 अगस्त के बाद हाल ही में फिर एक ग्राफिक शेयर किया, जिसमें इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग को नया अमेरिकी क्षेत्र बताया गया है। ईरान ने पूरी तरह इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि जब तक वाशिंगटन अपना रुख नहीं बदलता, जलमार्ग बंद रहेगा।

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने ट्रम्प की तीखी आलोचना करते हुए कहा, "हॉर्मुज को खोलने में अमेरिका की असमर्थता और इस पर मालिकाना हक जताने के उसके दावे के बीच की खाई वाशिंगटन और हर्मुज के बीच की 7,000 मील की दूरी से भी बड़ी है... 'पोस्ट-अमेरिकन ऑर्डर' में आपका स्वागत है।"

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