PM Kisan Yojana का लाभ उठाने वाले किसानों के बच्चों को मिलेंगे 5-5 हजार, जानें किन्हें और कैसे मिलेगा फायदा
किसानों और खेतिहार मजदूरों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृति योजना के तहत अब ₹5000 प्रति महीने मिलेंगे।

किसानों के बच्चों को मिलेंगे 5 हजार
HighLights
किसानों के बच्चों को उच्च शिक्षा में मिलेगी मदद।
योजना के तहत अब हर महीने मिलेंगे ₹5000।
उत्तर प्रदेश के मेधावी छात्र ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: किसानों और खेतिहार मजदूरों के लिए खेती की बढ़ती लागत के बीच अपने बच्चों (kisaan Children) की उच्च शिक्षा का खर्च उठाना अक्सर एक बड़ी चुनौती बन जाता है। पैसों की कमी से होनहार बच्चों की पढ़ाई न रुके, इसके लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृति योजना (Mukhyamantri Krishak Chhatravriti Yojana) चलाई जा रही है। इस योजना के तहत अब पात्र विद्यार्थियों को हर महीने ₹5000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। बता दें कि पहले यह स्कॉलरशिप राशि ₹3,000 प्रति माह हुआ करती थी।
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृति योजना का लाभ लेने के लिए कुछ प्रमुख शर्तें पूरी करनी होंगी। विद्यार्थी के माता-पिता का किसान या पंजीकृत खेतिहार होने जरूरी है और छात्र का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना भी जरूरी है। चूंकि यह योजना विशेष रूप से मेधावी पर केंद्रित है, इसलिए शैक्षणिक प्रदर्शन की शर्तें इस प्रकार पूरी रखी गई है:
1. राज्य बोर्ड से 12वीं कक्षा में कम से कम 70% अंक होने चाहिए। वहीं, CBSE या ICSE बोर्ड से पास होने वाले छात्रों के लिए 85% अंकों की अनिवार्यता रखी गई है।
2. पीजी यानी पोस्ट ग्रैजुएशन की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए जरूरी है कि उनके ग्रैजुएशन में कम से कम 70% नंबर हों।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का फायदा उठाने के लिए आवेदन के समय कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स देना आवश्यक है। इनमें छात्र का आधार कार्ड, निवासी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पिछली कक्षा की मार्कशीट और बैंक खाते की पूरी डिटेल शामिल है। किसान होने के प्रमाण के तौर पर खतौनी या किसान बही, और खेतिहार मजदूर होने की स्थिति में संबधित श्रम कार्ड मांगा जा सकता है।
कैसे करें अप्लाई?
इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की प्रक्रिया सामान्य ऑनलाइन फॉर्म जैसा नहीं है, बल्कि यह ऑफलाइन तरीके से होती है। छात्रों को सबसे पहले अपने कॉलेज/संस्थान के प्रशासनिक कार्यालय या संबंधित से जाकर फॉर्म लेना होगा। फॉर्म को सही-सही भरकर और सभी दस्तावेज संलग्न करने के बाद, उसे स्कूल/कॉलेज के प्रधानाचार्य या नोडल अधिकारी से प्रमाणित (VERIFY) कराना होगा। अंत में, इस सत्यापित फॉर्म को क्षेत्रिय मंडी परिषद कार्यालय या छात्रवृति काउंटर पर जमा करना होगा और वहां से इसकी रसीद लेना ना भूलें।
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