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ये है भारत की कागज बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी, कौन है इसका मालिक? 51 साल में एक फैक्ट्री से बना ₹16,000 करोड़ का कारोबार

Updated: Sun, 16 Aug 2026 11:52 AM (IST)

भारत में कागज उद्योग मजबूत है, जिसमें ITC (PSPD) सबसे बड़ी कंपनी है। यह लेखन, छपाई और पैकेजिंग बोर्ड बनाती है, जिसकी अनुमानित वैल्यू ₹16,000 करोड़ है।

कौन है सबसे बड़ी पेपर कंपनी का मालिक? (AI फोटो)

कौन है सबसे बड़ी पेपर कंपनी का मालिक? (AI फोटो)

HighLights

  1. ITC (PSPD) भारत की सबसे बड़ी कागज कंपनी है

  2. लेखन, छपाई और पैकेजिंग बोर्ड बनाती है यह कंपनी

  3. कंपनी की अनुमानित वैल्यूएशन ₹16,000 करोड़ है

नई दिल्ली। भारत में कागज बनाने का एक मजबूत सेक्टर है, जिसमें इंडस्ट्री की बड़ी कंपनियाँ लिखने, छापने और कॉपी करने वाला कागज और पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग बोर्ड बनाती हैं। भारत की प्रमुख कागज कंपनियों में ITC (PSPD), JK Paper, West Coast Paper Mills, Tamil Nadu Newsprint and Papers Limited (TNPL) और Andhra Paper शामिल हैं। इनमें सबसे बड़ी कागज कंपनी ITC (PSPD) है।

ITC पेपरबोर्ड्स एंड स्पेशलिटी पेपर डिवीजन

यह कंपनी पेपर बनाने वाली इंडस्ट्री की सबसे मशहूर कंपनियों में से एक है। ये भारत की सबसे बड़ी पेपर कंपनी है। इसकी शुरुआत 1 अक्टूबर 1979 में हुई थी। ये कंपनी आईटीसी ग्रुप का हिस्सा है। इसने अपने नए तरह के पैकेजिंग और कम्युनिकेशन सॉल्यूशंस की वजह से अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर खास फोकस

लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर ध्यान देकर, ITC-PSPD दक्षिण एशिया की टॉप पैकेजिंग और ग्राफिक बोर्ड बनाने वाली कंपनी बन गई है। एक तरफ कंपनी ने वैल्यू चेन पर फोकस किया है, उसे बेहतर बनाया है तो वहीं समय के साथ सर्विसेज और प्रोडक्ट्स की रेंज भी बढ़ाई है।
अपनी कॉम्पिटिटिवनेस को बनाए रखने और मजबूत करने के लिए, भारत और विदेशों में ITC-PSPD के प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशंस काफी फेमस हैं।

एक प्लांट से हुई थी शुरुआत

ITC के पेपरबोर्ड और स्पेशलिटी पेपर्स डिवीजन (ITC-PSPD) की शुरुआत भद्राचलम प्लांट से हुई थी, जहाँ 1 अक्टूबर 1979 को प्रोडक्शन शुरू हुआ था। शुरू में इसे भद्राचलम पेपरबोर्ड्स लिमिटेड मैनेज करती थी, लेकिन बाद में 1999 में ITC लिमिटेड ने इसे खरीद लिया और इसे मौजूदा डिवीजन के तौर पर पुनर्गठित किया।
1975 में भद्राचलम मिल के लिए निर्माण की मंजूरी मिल गई थी। उसके बाद अप्रैल 1977 में निर्माण कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू हुआ।

कितनी है कंपनी की वैल्यूएशन?

ITC लिमिटेड के 'सम-ऑफ-द-पार्ट्स' (SOTP) फ्रेमवर्क के तहत, ITC के पेपरबोर्ड एंड स्पेशलिटी पेपर्स डिवीजन की अनुमानित एंटरप्राइज वैल्यू लगभग ₹16,000 करोड़ है। इस वैल्यू को बड़ी क्षमता विस्तार और सेंचुरी पल्प एंड पेपर के ₹3,500 करोड़ के अधिग्रहण से बढ़ावा मिला है।

कहां-कहां हैं यूनिट?

  • यूनिट भद्राचलम : 8,15,000 TPA वर्जिन पेपर और पेपरबोर्ड
  • यूनिट त्रिबेनी : 65,000 TPA स्पेशलिटी पेपर
  • यूनिट कोवई : 1,15,000 TPA रीसाइकल किए गए बोर्ड
  • यूनिट बोलाराम : खाने-पीने की चीजों के लिए बैरियर कोटेड बोर्ड, पैकेजिंग और इनडोर ब्रांडिंग के लिए सॉलिड बोर्ड

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