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    अब जापान ने दिया भारत को झटका! भारतीय आमों के आयात पर लगाई रोक, वजह भी हैरानी भरी

    Updated: Wed, 27 May 2026 11:40 AM (IST)

    जापान ने भारत से आम की प्रीमियम किस्मों के आयात पर रोक लगा दी है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा नुकसान हुआ है और माल ढुलाई की लागत भी बढ़ी है। ...और पढ़ें

    जापान ने भारतीय आम के आयात पर लगाई रोक (सांकेतिक तस्वीर)

    जापान ने भारतीय आम के आयात पर लगाई रोक (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. जापान ने भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगाया।

    2. गुणवत्ता मानकों और फ्यूमिगेशन में कमी पाई गई।

    3. भारतीय निर्यातकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

    नई दिल्ली| इन दिनों दुनियाभर के ज्यादातर देश समु्द्री व्यापार से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। भारत को भी खासा नुकसान देखने को मिला है। अब भारत के एक्सपोर्ट को लेकर एक और बड़ी खबर आई है। अब जापान ने भारत से आने वाले आम की प्रीमियम किस्मों के आयात पर रोक लगा दी है। इस बार मामला ना स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का है ना ही किसी देश के जमीनी झगड़े का।

    गुणवत्ता में कमी के चलते रुका निर्यात

    कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय आमों का आयात रोकने का फैसला गुणवत्ता मानकों में पाई गई कमियों के कारण लिया गया है। दरअसल मार्च में जापान के प्लांट क्वारंटाइन अधिकारियों ने इंस्‍पेक्‍शन के लिए भारतीय ट्रीटमेंट सेंटर्स का दौरा किया था, जहां फ्यूमिगेशन और उससे जुड़े उपायों में कमियां पाई गई थीं। बता दें कि फ्यूमिगेशन जहरीली गैस से कीड़े मारने का तरीका होता है।

    बता दें कि कि योकोहामा प्लांट प्रोटेक्शन एसोसिएशन की ओर से 31 मार्च को जारी एक बयान में जापान के सरकारी 'प्लांट प्रोटेक्शन स्टेशन' की एक अधिसूचना का हवाला देते हुए ये कहा गया कि 25 मार्च, 2026 या उसके बाद भारत की ओर से जारी किए गए निरीक्षण प्रमाण पत्रों वाली खेप को को प्रवेश नहीं किया जाएगा। बयान में ये भी कहा गया कि जब तक टोक्यो में बैठे अधिकारी भारत में परिचालन मानकों के सुधार से संतुष्ट नहीं हो जाते तब तक आयात नहीं होगा।

    आम की इन प्रीमियम किस्मों

    बता दें कि जापान भारत के आमों का बड़ा खरीददार देश रहा है। निर्यात में आई इस समस्या की वजह से भारतीय निर्यातकों का बड़ा बाजार छूट गया है। भारतीय आमों में केसर, अल्‍फांसो, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसी टॉप क्लास की किस्में शामिल हैं, जिनके आयात पर जापान ने रोक लगाई है।

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    निर्यातकों ने क्या कहा?

    कई आम निर्यातकों ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि जापान के इस फैसले से भारी नुकसान उठाना पड़ा है। एक ओर जहां जापान ने आयात पर रोक लगाई है वहीं दूसरी ओर पश्चिमी एशिया में चल रहे तनाव के चलते ईंधन की बढ़ी कीमतों के कारण माल ढुलाई की कीमतों में भी तेजी आई है। एक्सपोर्टर ने मीडिया को बताया कि माल ढुलाई की लागत पिछले साल के 250-350 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में यह बढ़कर लगभग 580-590 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।