इस प्राइवेट बैंक के ग्राहकों को बड़ा झटका! होम से लेकर कार लोन तक सब हुआ महंगा, बढ़ने वाली है किश्त
Karur Vysya Bank ने अपनी MCLR दरों में 5 से 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो 22 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। ...और पढ़ें

KVB ने कर्ज किया महंगा!
HighLights
करूर वैश्य बैंक ने MCLR दरों में वृद्धि की।
बढ़ी हुई दरें 22 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी।
होम, कार, पर्सनल लोन की EMI बढ़ेगी।
नई दिल्ली: निजी क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता करूर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank - KVB) ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए अपनी सीमांत लागत आधारित उधारी दरों (MCLR) में बढ़ोतरी करने का एलान किया है। बैंक द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, नई दरें 22 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी।
बैंक की इस घोषणा का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनका लोन MCLR से जुड़ा हुआ है। इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) बढ़ने की संभावना है।
क्या हुआ है बदलाव?
करूर वैश्य बैंक ने अलग-अलग अवधियों (Tenures) के लिए MCLR में 5 से 10 बेसिस पॉइंट्स (bps) तक की वृद्धि की है। बैंक द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, ओवरनाइट से लेकर एक साल तक की अवधि के लोन पर ब्याज दरें बढ़ा दी गई हैं। हालांकि, तीन महीने की अवधि वाले MCLR में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रमुख बदलावों पर एक नजर:
ओवरनाइट MCLR: इसे 8.75% से बढ़ाकर 8.85% कर दिया गया है।
एक महीने का MCLR: यह 8.65% से बढ़कर 8.75% हो गया है।
छह महीने का MCLR: इसमें 5 बेसिस पॉइंट की वृद्धि के साथ इसे 9.10% से बढ़ाकर 9.15% किया गया है।
एक साल का MCLR: सबसे महत्वपूर्ण एक साल की अवधि वाले MCLR को 9.25% से बढ़ाकर 9.35% कर दिया गया है।
नई बनाम पुरानी दरें
| लोन की अवधि (NOF) | मौजूदा दर (existing) | संशोधित दर (Revised) | प्रभावी तिथि |
| ओवरनाइट (Overnight) | 8.75% | 8.85% | 22 जुलाई 2026 |
| एक महीना (One-month) | 8.65% | 8.75% | 22 जुलाई 2026 |
| तीन महीने (Three-month) | 8.95% | 8.95% | कोई बदलाव नहीं |
| छह महीने (Six-month) | 9.10% | 9.15% | 22 जुलाई 2026 |
| एक साल (One-year) | 9.25% | 9.35% | 22 जुलाई 2026 |
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
MCLR में बढ़ोतरी का मतलब है कि बैंक के लिए फंड की लागत बढ़ गई है, जिसका बोझ अब ग्राहकों पर डाला जा रहा है। आमतौर पर होम लोन जैसे लंबी अवधि के लोन 'एक साल के MCLR' से जुड़े होते हैं। ऐसे में जिन ग्राहकों का लोन रीसेट (Reset) होने वाला है, उनकी मासिक किश्त (EMI) अब बढ़ जाएगी।
बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधन सेबी (SEBI) के लिस्टिंग दायित्वों और प्रकटीकरण आवश्यकताओं (LODR) विनियम, 2015 के नियम 30 के तहत किया गया है। नए और पुराने दोनों तरह के ग्राहकों के लिए ये दरें 22 जुलाई से लागू मानी जाएंगी।
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नोट: इस खबर को लिखने में AI की मदद ली गई है।