17 जुलाई को LPG पर बड़ा अपडेट! क्या बदल गए सिलेंडर के दाम? जानिए आज का ताजा रेट
LPG Price Today: 17 जुलाई को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। घरेलू उपभोक्ताओं को अभी भी राहत का इंतजार है, जबकि कमर्शियल सिलें ...और पढ़ें

LPG प्राइस 17 जुलाई
HighLights
17 जुलाई को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम स्थिर रहे।
दिल्ली में 14.2 किलो सिलेंडर का दाम ₹942 पर बरकरार।
कमर्शियल सिलेंडर के दाम 1 जुलाई को ₹183 कम हुए थे।
नई दिल्ली: 17 जुलाई को एलपीजी गैस सिलेंडर ( LPG Price) की कीमतों को लेकर बड़ा अपडेट सामन आया है। तेल कंपनियों (Oil Companies) ने इस महीने की शुरुआत में कमर्शियल सिलेंडर (Commercial LPG Cylinder) के दाम में राहत दी थी, लेकिन गैस उपभोक्ता के लिए फिलहाल कोई नई राहत नहीं दी गई है।
क्या हैं LPG के ताजा रेट?
ताजा रेट के मुताबिक, 10 किलों वाले सिलेंडर सहित छोटे और बड़े सिलेंडरों के दाम भी उसकी ट्रेंड पर बने हुए हैं और इनमें कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है। आंकड़ों के अनुसार, घरेलू एलपीजी सिलेंडर (LPG 14.2 किलो) की कीमतें जुलाई में स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली जैसे बड़े शहरों में यह करीब ₹942 के आसपास बनी हुई है और इसमें इस महीने कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसके साथ 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिली है और यह 349.50 रुपये पर बना हुआ है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो) की बात करें तो 1 जुलाई से इसके दाम में करीब ₹183 तक की कटौती की गई थी, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को राहत मिली थी।
10 किलो वाले सिलेंडर, जिन्हें हल्का और पोर्टेबल माना जाता है, अब धीरे-धीरे बाजार में ज्यादा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन्हें खासतौर पर छोटे व्यापारियों और शहरी उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर बढ़ावा दिया जा रहा है। इस सिलेंडर का दाम 673 रुपये है।
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गैस का बड़ा सप्लॉयर कौन है?
बता दें रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अब गैस का बड़ा सप्लॉयर बन चुका है। इसके अलावा अर्जेंटीना, चिली, फ्रांस और नीदरलैंड जैसे देशों से भी गैस खरीदी जा रही है। अप्रैल 2026 में भारत के कुल LPG आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 32% हो गई, जबकि फरवरी 2026 में यह केवल 8% थी।
कुल मिलाकर 17 जुलाई को LPG सिलेंडर के दामों में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। घरेलू उपभोक्ताओं को अभी राहत का इंतजार है, जबकि कमर्शियल यूजर्स को महीने की शुरुआत में मिली कटौती का फायदा मिल रहा है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार और कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर अगले संशोधन का फैसला होगा।