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    पुरानी पेंशन जैसी मौज! अब रिटायरमेंट के बाद मिलेगी 50% सैलरी, जानिए किस राज्य ने दी खुशखबरी

    By Jagran BusinessEdited By: Gyanendra Tiwari
    Updated: Wed, 06 May 2026 05:25 PM (GMT+05:30)

    महाराष्ट्र सरकार ने मौजूदा NPS कर्मचारियों के लिए संशोधित राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को वैकल्पिक बनाया है। इसके तहत 20 साल की सेवा पूरी करने वाले क ...और पढ़ें

    महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए संशोधित एनपीएस विकल्प, मिलेगा अंतिम वेतन का 50% पेंशन

    महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए संशोधित एनपीएस विकल्प, मिलेगा अंतिम वेतन का 50% पेंशन

    HighLights

    1. संशोधित एनपीएस मौजूदा कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक।

    2. 20 साल सेवा पर अंतिम वेतन का 50% पेंशन।

    3. विकल्प चुनने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026।

    भाषा, नई दिल्ली। महाराष्ट्र सरकार ने मौजूदा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS News) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए संशोधित एनपीएस को वैकल्पिक बना दिया है। यह जानकारी राज्य के वित्त विभाग द्वारा बुधवार को जारी एक परिपत्र में दी गई। परिपत्र में उन सरकारी कर्मचारियों के लिए संशोधित राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के कार्यान्वयन की विस्तृत प्रक्रिया बताई गई है जो इसे अपनाने का विकल्प चुनते हैं।

    इसमें स्पष्ट किया गया कि यह योजना केवल उन्हीं पर लागू होगी जो निर्धारित समय सीमा के भीतर विकल्प का प्रयोग करेंगे। सरकार ने पहले पात्र और इच्छुक कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2026 तक संशोधित योजना में शामिल होने का विकल्प देने की अनुमति दी थी।

    महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने कुछ वर्ष पहले केंद्र की एकीकृत पेंशन योजना (UPS News in Hindi) के अनुरूप राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए संशोधित NPS लागू करने को मंजूरी दी थी।

    अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा

    सरकार की वेबसाइट पर जारी नए परिपत्र के अनुसार, निर्धारित आयु में सेवानिवृत्त होने वाले और 20 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके तथा संशोधित योजना का चयन करने वाले कर्मचारियों को अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा (50% Pension under NPS)। साथ ही महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा। 10 से 20 वर्ष की सेवा वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन, अंतिम वेतन के आधार पर सेवा अवधि के अनुपात में तय की जाएगी।

    सरकार ने संशोधित योजना के तहत कम से कम 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रति माह तय की है जबकि 10 वर्ष से कम सेवा देने वाले कर्मचारी पेंशन लाभ के पात्र नहीं होंगे।

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    परिपत्र के अनुसार, परिवार पेंशन के रूप में स्वीकृत पेंशन का 60 प्रतिशत महंगाई राहत के साथ दिया जाएगा। इसमें यह भी अनिवार्य किया गया कि संशोधित योजना का चयन करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) से प्राप्त कुल संचित राशि का 60 प्रतिशत सरकार के पास आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) के माध्यम से जमा करना होगा।

    40% हिस्सा एन्युटी में जाएगा

    संचित निधि का शेष 40 प्रतिशत हिस्सा ‘एन्युटी’ (नियमित पेंशन देने वाली बीमा योजना) खरीदने के लिए उपयोग किया जाएगा और ‘एन्युटी’ की राशि को राज्य सरकार द्वारा देय पेंशन के विरुद्ध समायोजित किया जाएगा।

    परिपत्र में कहा गया कि एनपीएस कोष से पहले की गई किसी भी निकासी को संशोधित योजना चुनने वाले कर्मचारियों को 10 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करना होगा, अन्यथा उनकी पेंशन पात्रता उसी अनुपात में घटा दी जाएगी। सेवा से इस्तीफा देने वाले कर्मचारी संशोधित योजना के तहत पेंशन के पात्र नहीं होंगे और उन्हें केवल मौजूदा एनपीएस के तहत ही लाभ मिलेगा।

    इन कर्मचारियों पर भी लागू होगा नियम

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि संशोधित योजना चुनने वालों पर मार्च 2023 में जारी पूर्व आदेशों के अनुसार सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी (Retirement Gratuity) लागू होगी।

    परिपत्र में उल्लेखित प्रावधान आवश्यक संशोधनों के साथ सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और संबद्ध गैर-सरकारी महाविद्यालयों के कर्मचारियों तथा जिला परिषद एवं पंचायत समितियों के कर्मचारियों पर भी लागू होंगे। वित्त विभाग ने कहा कि संशोधित योजना के तहत पेंशन के वितरण के लिए अलग से विस्तृत प्रक्रिया जारी की जाएगी।

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