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    अदाणी के हाथों बिकी JP Associates के पुराने मालिक मनोज गौड़ जेल से आए बाहर, इस वजह से कोर्ट ने दी जमानत

    Updated: Fri, 27 Mar 2026 12:45 PM (GMT+05:30)

    जेपी इंफ्रा के पूर्व एमडी मनोज गौड़ को मां के निधन के कारण 14 दिनों की अंतरिम जमानत मिली है। उन्हें 13,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ...और पढ़ें

    अदाणी के हाथों बिकी JP Associates के पुराने मालिक मनोज गौड़ जेल से आए बाहर, इस वजह से कोर्ट ने दी जमानत

    अदाणी के हाथों बिकी JP Associates के पुराने मालिक मनोज गौड़ जेल से आए बाहर, इस वजह से कोर्ट ने दी जमानत

    HighLights

    1. जेपी इंफ्रा के पूर्व एमडी मनोज गौड़ को मिली अंतरिम जमानत।

    2. मां के निधन पर कोर्ट ने दी 14 दिन की अंतरिम जमानत।

    3. 13,000 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने किया था गिरफ्तार।

    नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किए गए जेपी इन्फ्रा के पूर्व एमडी मनोज गौड़ जेल से बाहर आ गए हैं। दरअसल, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को मनोज गौड़ को उनकी मां के निधन के चलते 14 दिनों की अंतरिम जमानत (Manoj Gaur gets interim bail) दी थी।

    उनकी मां यानी जेपी ग्रुप के फाउंडर जयप्रकाश गौड़ की पत्नी चंद्रकला गौड़ बहुत दिनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहीं थी। मां के गंभीर रूप से बीमार रहने के आधार पर उन्हें पहले भी अंतरिम जमानत दी गई थी। अब उनकी मां का निधन होने पर अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानद दी है।

    Jaypee Infratech के पूर्व MD मनोज गौड़ को प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने 13000 करोड़ रुपये की कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। दरअसल, जेपी इंफ्राटेक के खिलाफ 2017 से ही यह मामला चल रहा था। खरीदारों से एडवांस पैसे ले लिए गए थे। लेकिन उन्हें फ्लैट नहीं मिले थे। इसी मामले में मनोज गौड़ को गिरफ्तार करते हुए ईडी ने कहा था कि मनोज गौड़ ने कंपनी के फैसलों में अहम रोल निभाया और फंड्स को ग्रुप की दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर किया।

    अंतिम संस्कार करने के लिए दी गई 2 सप्ताह की अंतरिम जमानत

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) धीरेंद्र राणा ने मनोज गौड़ को अपनी मां का अंतिम संस्कार करने के लिए 2 सप्ताह की अंतरिम जमानत दी। गौड़ को 5-5 लाख रुपये के दो जमानत बॉन्ड जमा करने पर अंतरिम जमानत दी गई। भले ही उन्हें अंतरिम जमानत दे दी गई हो, लेकिन उनकी नियमित जमानत याचिका अब भी दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। ट्रायल कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले उन्हें जनवरी में 14 दिनों को अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने खुद को 19 फरवरी को खुद को सरेंडर कर दिया था।

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    गौड़ की ओर से अधिवक्ता डॉ. फर्रुख खान पेश हुए और उन्होंने बताया कि गौर की मां का निधन हो गया है। सबसे बड़े बेटे होने के नाते, गौर को ही अंतिम संस्कार करना है।

    बिक चुकी है जेपी एसोसिएट्स

    मनोज गौड़ के पिता जयप्रकाश गौड़ ने जेपी ग्रुप की नींव रखी थी। उन्हें कई बड़े-बड़े प्रोजेक्ट बनाए। यमुना एक्सप्रेस वे JP ग्रुप ने ही बनाया था। लेकिन समय के साथ कंपनी पर इतना कर्ज हो गया कि अब वह दिवालिया होकर बिक चुकी है। अदाणी ग्रुप ने जयप्रकाश एसोसिएट्स को लगभग 15 हजार करोड़ रुपये में खरीदा है। NCLT ने भी इसकी मंजूरी दे दी है।

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