यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Market outlook: अगले हफ्ते कैसी रहेगी Nifty/Bank nifty की चाल? क्या कह रहा चार्ट? एक्सपर्ट से आज ही जानिए
इजराइल और ईरान के बीच बढ़े जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। शुरुआत में बाजार स्थिर दिखा लेकिन आखिरी सेशन में निफ्टी ...और पढ़ें

नई दिल्ली। इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार (Indian share market) में बड़ी गिरावट देखी गई, जिसमें निफ्टी (Nifty) 1% से ज्यादा नीचे आ गया। इसका कारण मुनाफावसूली (profit booking) और बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव (geopolitical tensions) को माना जा रहा है।
शुरुआत में बाजार स्थिर दिखा, लेकिन आखिरी सेशन में निफ्टी में तेज उलटफेर हुआ और यह अपने हाल के उच्चतम स्तर 25,200 से करीब 600 अंक नीचे आ गया। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर अगले हफ्ते Nifty और Bank nifty की चाल क्या रहने वाली है? चार्ट क्या कह रहा है? बता रहे हैं आनंद राठी ग्रुप के इक्विटी रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल...
निफ्टी में गिरावट की आशंका ज्यादा
टेक्निकल एनालिसिस के मुताबिक, निफ्टी 161.8% फिबोनाची एक्सटेंशन स्तर (Fibonacci Extension Levels) के पास रुकावट से जूझ रहा था, जिससे यह गिरावट स्वाभाविक थी। यह गिरावट पूरे बाजार को नीचे खींच ले गई और हाल की बढ़त मिट गई, जो बाजार में ओवरहीटिंग की ओर इशारा करती है।
अगर निफ्टी 24,450 के नीचे जाता है, तो अगली गिरावट की संभावना बढ़ सकती है, जो इसे 24,000 तक ले जा सकती है। अगर थोड़ी राहत की रैली दिखे तो वह छोटी राहत होगी, जो मुनाफावसूली का मौका दे सकती है। हालांकि यह नए निवेश का मौका नहीं होगा।
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बैंक निफ्टी भी गिर सकती है
दूसरी ओर, बैंक निफ्टी (Bank Nifty) ने इस हफ्ते 57,000 के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ। लेकिन मुनाफावसूली के दबाव में 2% की गिरावट के साथ 55,000 के आसपास बंद हुआ। अगर यह 55,000 के नीचे जाता है, तो गिरावट 54,300 तक हो सकती है। अभी दोनों इंडेक्स कमजोर स्थिति में हैं।
ट्रेडर्स को सावधानी बरतने और बड़े निवेश से बचने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में 25,200-25,300 और 24,450-24,000 जैसे प्रमुख स्तरों पर नजर रखना जरूरी होगा।
निवेशक सतर्क रहें !
आम निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच छोटे निवेश और टेक्निकल लेवल पर नजर रखें।इजराइल और ईरान (Israel-Iran War) के बीच बढ़े जियोपॉलिटिकल तनाव और मुनाफावसूली अब भी बाजार को प्रभावित कर रहे हैं, इसलिए जल्दबाजी न करें।
